लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर के बयान ने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। कौशल किशोर ने पार्टी के भीतर अपनी अनदेखी किए जाने की बात कहकर राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।कौशल किशोर का कहना है कि उन्हें कई ऐसे कार्यक्रमों से दूर रखा जाता है, जिनसे उनका राजनीतिक और सामाजिक जुड़ाव रहा है। उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कई बार उन्हें कार्यक्रमों की सूचना तक नहीं मिलती और बुलावा भी नहीं भेजा जाता।पूर्व केंद्रीय मंत्री के इस बयान को बीजेपी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, कौशल किशोर ने किसी व्यक्ति या पार्टी नेता का नाम लेकर सीधे आरोप नहीं लगाया है।उनकी हालिया टिप्पणियों और सोशल मीडिया गतिविधियों के बाद यह चर्चा भी तेज हो गई है कि आखिर पार्टी के भीतर उनकी नाराजगी की वजह क्या है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह सार्वजनिक रूप से असंतोष जाहिर होने से आने वाले दिनों में बीजेपी की अंदरूनी राजनीति पर सवाल उठ सकते हैं।फिलहाल, कौशल किशोर के बयान पर पार्टी की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि बीजेपी नेतृत्व इस नाराजगी को किस तरह देखता है और क्या पूर्व केंद्रीय मंत्री की शिकायतों को दूर करने के लिए कोई कदम उठाया जाता है।कौशल किशोर के हालिया बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट ने उत्तर प्रदेश बीजेपी के भीतर असंतोष को लेकर चर्चाओं को जरूर हवा दी है।
बीजेपी में अनदेखी का दर्द! कौशल किशोर बोले- मुझे दरकिनार करने की कोशिश हो रही है…..






