डॉ. मनोज प्रधान और श्री संतोष कुमार कर्ष ने नवाचार व समर्पण से शिक्षा के क्षेत्र में बनाई अलग पहचान
कोरबा। कोरबा जिले के लिए गौरव और हर्ष का विषय है कि शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं नवाचारी कार्य करने वाले जिले के दो शिक्षकों डॉ. मनोज प्रधान एवं श्री संतोष कुमार कर्ष को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए राज्य अलंकरण सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान प्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा छत्तीसगढ़ द्वारा प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन, कुरुद, जिला धमतरी में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में प्रदान किया गया।
20 सितंबर को आयोजित समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों, विज्ञान संचारकों एवं खोजी बच्चों को सम्मानित किया गया। इस दौरान कोरबा जिले के डॉ. मनोज प्रधान, प्रधान पाठक, शासकीय प्राथमिक शाला ठाकुरदियापारा खरवानी, विकासखंड करतला तथा श्री संतोष कुमार कर्ष को उनके समर्पित एवं नवाचारी शैक्षणिक कार्यों के लिए राज्य अलंकरण से सम्मानित किया गया।
बच्चों को नवाचार के माध्यम से शिक्षा देने का प्रयास
डॉ. मनोज प्रधान लंबे समय से बच्चों की शिक्षा को बेहतर और रुचिकर बनाने के लिए निरंतर नए प्रयोग करते रहे हैं। वे अपने स्वयं के व्यय से विभिन्न प्रकार के टीएलएम (Teaching Learning Material) तैयार कर बच्चों को गतिविधियों एवं प्रयोगों के माध्यम से सीखने का अवसर प्रदान करते हैं।
डॉ. मनोज प्रधान की विशेष पहल यह है कि वे प्रतिदिन एक घंटे अतिरिक्त समय निकालकर विद्यार्थियों को जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा, एकलव्य विद्यालय चयन परीक्षा एवं उत्कर्ष विद्यालय चयन परीक्षा की तैयारी कराते हैं। उनके मार्गदर्शन एवं निरंतर प्रयासों से अब तक अनेक विद्यार्थियों का चयन विभिन्न चयन परीक्षाओं में हो चुका है। उनकी यह पहल ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है।
वहीं श्री संतोष कुमार कर्ष भी बच्चों के प्रति समर्पित शिक्षक के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। वे नए-नए शिक्षण तरीकों एवं टीएलएम के माध्यम से बच्चों को सरल, सहज और रोचक तरीके से पढ़ाने का प्रयास करते हैं। बच्चों को प्रोत्साहित करना, उनकी जिज्ञासा को बढ़ाना और गतिविधि आधारित शिक्षा के माध्यम से सीखने का वातावरण तैयार करना उनके कार्यों की प्रमुख विशेषता है।
गुरु-शिष्य परंपरा को दिया विशेष महत्व
राज्य अलंकरण समारोह में गुरु-शिष्य परंपरा को विशेष महत्व दिया गया। प्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा छत्तीसगढ़ द्वारा विगत कई वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले गुरुओं का सम्मान किया जाता रहा है। समारोह में गुरुजनों का पद प्रक्षालन, दूध से चरण धोकर सम्मान तथा महाआरती एवं वंदन कर गुरु के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की गई।
इस अवसर पर शिक्षा, विज्ञान एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
समारोह के मुख्य अतिथि श्री सुरेश अग्रवाल (संस्थापक, विज्ञान मेला नागपुर) रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री अभिषेक शुक्ला ने की। इस अवसर पर डॉ. राकेश कुमार सोनी (कुल सचिव), श्री जगदीश सिंह धीर (जिला शिक्षाधिकारी), श्री अजय कुमार मंडावी (पद्मश्री), श्री नीरज वर्मा (वैज्ञानिक, इसरो), श्री मोतीलाल देवांगन (संचालक, प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन), श्री मनोज मिश्रा (महाराष्ट्र) सहित श्री लखन लाल साहू, श्री भुवनेश्वर मरकाम, श्री अशोक जंघेल, श्री बृजलाल मंडावी एवं डॉ. स्वाति गंधर्व उपस्थित रहे।
कोरबा जिले के दोनों शिक्षकों को मिले इस सम्मान से शिक्षा जगत एवं जिले में हर्ष का माहौल है। उनके सम्मान को ग्रामीण अंचल में गुणवत्तापूर्ण, नवाचारी एवं गतिविधि आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने वाले शिक्षकों के प्रयासों की पहचान के रूप में देखा जा रहा है।
अशोक कुमार श्रीवास की खास रिपोर्ट






