(रिपोर्ट- नेहाल अख्तर)
(Express news bharat)
(जिला संवाददता बलिया)
बलिया जिले के मनियर ब्लॉक के दिघेड़ा ग्रामसभा के रानीपुर गांव की सात वर्षीय रागिनी एक पैर से जिंदगी की मुश्किलों का सामना कर रही है। इसके बावजूद उसके मन में पढ़ने और स्कूल जाने का सपना है। वह प्राथमिक विद्यालय दिघेड़ा में कक्षा एक की छात्रा है। यह वीडियो वायरल होने के बाद DM ने संज्ञान लिया है ट्राई साइकिल देने को कहा है रागिनी की मां बबीता देवी ने बताया कि जब वह छह महीने की थी, तब दवा लेने जाते समय हुए हादसे में उसका एक पैर बुरी तरह घायल हो गया था। कई जगह इलाज कराने के बाद भी पैर ठीक नहीं हो सका। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण महंगा इलाज कराना संभव नहीं था।अब रागिनी एक पैर के सहारे ही रोजमर्रा के काम करती है। उसका स्कूल घर से करीब 400 मीटर दूर है, लेकिन यह दूरी तय करना उसके लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। कभी परिवार का कोई सदस्य उसे स्कूल छोड़ने जाता है तो कभी वह खुद एक पैर से कूदते हुए स्कूल पहुंचती है। रास्ते में कई बार रुकना पड़ता है रागिनी के पिता मजदूरी करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे उसके लिए कृत्रिम पैर या कोई सहायक उपकरण खरीद सकें। परिवार को अब उम्मीद है कि सरकारी मदद से रागिनी को कृत्रिम पैर या ट्राईसाइकिल मिल सकेगी, जिससे वह आसानी से स्कूल आ-जा सके विद्यालय के प्रधानाध्यापक अजीत पाल ने बताया कि रागिनी कक्षा एक की मेहनती छात्रा है। एक पैर ठीक न होने के कारण उसे स्कूल आने-जाने में काफी परेशानी होती है। उन्होंने सरकार और संबंधित अधिकारियों से रागिनी को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।






