अशोक कुमार श्रीवास की रिपोर्ट
कोरबा/उरगा/कोरबा पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर साइबर अपराधों से बचाव और लोगों को ऑनलाइन ठगी के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से थाना उरगा परिसर में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में थाना प्रभारी नवीन पटेल ने ग्रामीणों को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों की जानकारी देते हुए सावधानी बरतने की अपील की।
थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। दूसरे का मोबाइल व्हाट्सअप हैक करके निमंत्रण या अन्य APK फाइल भेजकर, फर्जी कॉल, OTP पूछकर ठगी, बैंक एवं KYC अपडेट के नाम पर धोखाधड़ी, फर्जी लिंक भेजकर खाते से रकम निकालना, ऑनलाइन खरीद-बिक्री के नाम पर ठगी, डिजिटल अरेस्ट और सोशल मीडिया के माध्यम से धोखाधड़ी जैसे मामलों से लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
उन्होंने ग्रामीणों को समझाया कि बैंक या कोई सरकारी संस्था फोन पर OTP, ATM PIN, CVV या इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड नहीं मांगती। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई ऐप डाउनलोड करने, लिंक पर क्लिक करने या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल शिकायत करने की जानकारी भी दी गई। थाना प्रभारी ने कहा कि समय पर शिकायत मिलने से ठगी गई राशि को रोकने की संभावना बढ़ जाती है। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे स्वयं जागरूक रहें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों के प्रति सतर्क करें।
पुलिस ने कहा कि थोड़ी सी सावधानी ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।








