राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के तीन बच्चे पैदा करने वाले बयान पर अब मुस्लिम धर्मगुरुओं की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। एक मौलाना ने उनके बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि किसी भी समुदाय को बच्चों की संख्या के आधार पर निशाना बनाना सही नहीं है।मौलाना ने सवाल उठाया कि आखिर किस मुसलमान के 12 बच्चे और चार बीवियां हैं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में हर परिवार अपनी आर्थिक और सामाजिक स्थिति देखकर फैसले लेता है। किसी भी धर्म में जरूरत से ज्यादा बच्चे पैदा करने की अनिवार्यता नहीं है।उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई हिंदू परिवार तीन या उससे ज्यादा बच्चे पैदा करना चाहता है, तो इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। यह हर परिवार का निजी फैसला है और इसे धार्मिक बहस का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।इस बयान के बाद जनसंख्या और धर्म को लेकर बहस तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर भी लोग पक्ष और विपक्ष में अपनी राय रख रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ऐसे बयान अक्सर चुनावी माहौल में सामाजिक ध्रुवीकरण को बढ़ाते हैं।गौरतलब है कि हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक कार्यक्रम में मोहन भागवत ने जनसंख्या संतुलन को लेकर टिप्पणी की थी, जिसके बाद से अलग-अलग संगठनों और धार्मिक नेताओं की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।
किस मुसलमान की 4 बीवियां और 12 बच्चे?” मौलाना ने मोहन भागवत को दिया करारा जवाब….






