ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका उस पर हमला करता है, तो वह हमेशा के लिए जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को बंद कर देगा। इस बीच, ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि इससे वैश्विक तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी होगी और अमेरिकी वित्तीय संस्थान भी निशाने पर आ जाएंगे।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच चल रहा संघर्ष चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और तनाव अपने चरम पर है।
ईरान के शीर्ष नेतृत्व ने कहा है कि यदि अमेरिका उसके पावर प्लांट्स पर हमला करता है, तो जलडमरूमध्य को तब तक नहीं खोला जाएगा जब तक ईरान अपने बिजली संयंत्रों को ठीक नहीं कर लेता। साथ ही, इज़राइल के ऊर्जा और संचार ढांचे को भी निशाना बनाया जाएगा। क्षेत्र में जहां-जहां अमेरिकी ठिकाने मौजूद हैं, उन देशों के पावर प्लांट्स को भी संभावित लक्ष्य माना जाएगा।
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर क़ालिबाफ़ ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका कोई गलत कदम उठाता है, तो क्षेत्र के सभी ऊर्जा, संचार संयंत्रों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया जाएगा। इससे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहेंगी। उन्होंने कहा, “जैसे ही हमारे देश के पावर प्लांट्स और बुनियादी ढांचे पर हमला होगा, हम क्षेत्र के महत्वपूर्ण ढांचे, ऊर्जा और तेल सुविधाओं को बंद कर देंगे और उन्हें पूरी तरह नष्ट कर देंगे।”
इसके अलावा, क़ालिबाफ़ ने अमेरिकी वित्तीय संस्थानों को भी चेतावनी दी कि जो भी देश अमेरिका का साथ देगा, उसे भी परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड “ईरानियों के खून से सने हुए हैं” और उन्हें खरीदने वालों को हमलों का सामना करना पड़ सकता है। यह बयान तब सामने आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान से 48 घंटों के भीतर जलडमरूमध्य को सुरक्षित और पूरी तरह खोलने की मांग की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि उसकी सेनाएं होर्मुज़ के पास ईरानी नौसैनिक ठिकानों को निशाना बना रही हैं, जो अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए खतरा बन रहे हैं।
इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि ईरान वैश्विक शांति और सभ्यता के लिए खतरा बनता जा रहा है, और इज़राइल तथा अमेरिका मिलकर आयतुल्लाह शासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेंगे।ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प उसके बिजली ग्रिड पर हमला करते हैं, तो वह खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा संयंत्रों और जल अवसंरचना को निशाना बनाकर उन्हें नष्ट कर देगा।
रिपोर्ट : किरन






