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CBI के शिकंजे में वसीम रिजवी, चाटुकारिता भी नही आई काम दर्ज हुई दो FIR..

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ और प्रयागराज में वक्फ संपत्तियों के घोटाले में जांच तेजी कर दी है। इस मामले में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। एफआईआर में यूपी शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी को नामजद किया गया है। उनके अलावा दो अधिकारी और तीन अन्य लोगों के नाम भी एफआईआर में हैं।

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने 11 अक्टूबर 2019 को केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने प्रयागराज की कोतवाली में और हजरतगंज थाने में दर्ज की गईं एफआईआर का जिक्र किया था।

वक्फ संपत्तियों के बेचे जानें की ये एफआईआर प्रयागराज में 2016 को और लखनऊ के हजरतगंज में साल 2017 में दर्ज की गई थी। पत्र में उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड और सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की ओर से वक्फ संपत्तियों के बेचे जाने के मामले में जांच करने का अनुरोध किया गया था।

बताया जा रहा है कि प्रयागराज में भी एक एफआईआर दर्ज हुई है। इसमें सिर्फ वसीम रिजवी का ही नाम है। सूत्रों ने कहा कि इलाहाबाद का मामला 2016 में इमामबाड़ा गुलाम हैदर में कथित अतिक्रमण और दुकानों के अवैध निर्माण से संबंधित है, जबकि लखनऊ का मामला 2009 में कानपुर के स्वरूप नगर में जमीन हड़पने के मामले में है।

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