Home / Updates / ट्रंप की 10% टैरिफ चेतावनी! क्या ब्रिक्स देशों पर टूटेगा ट्रंप का टैरिफ तूफान? जानें….

ट्रंप की 10% टैरिफ चेतावनी! क्या ब्रिक्स देशों पर टूटेगा ट्रंप का टैरिफ तूफान? जानें….

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिक्स देशों की अमेरिका-विरोधी नीतियों के साथ खड़े होने वाले देशों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट में ट्रंप ने साफ कहा कि जो देश ब्रिक्स की ऐसी नीतियों का समर्थन करेंगे, उन्हें अमेरिकी सामानों पर 10% अतिरिक्त टैरिफ झेलना पड़ेगा। ये बयान ऐसे वक्त में आया है जब अमेरिका की ओर से लगाए गए जवाबी टैरिफ की समयसीमा 9 जुलाई को खत्म हो रही है। वहीं दूसरी तरफ, ब्राजील में 17वीं ब्रिक्स समिट चल रही है, जहां कई वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हो रही है। इसी बीच ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिका अपनी नई टैरिफ रणनीति और संबंधित देशों को भेजे जाने वाले पत्रों का एलान सोमवार, 7 जुलाई को दोपहर 12 बजे (ईस्टर्न टाइम) करेगा।

गौरतलब है कि ट्रंप ने इससे पहले 9 अप्रैल को टैरिफ लागू करने की प्रक्रिया को तीन महीने के लिए टाल दिया था, जिसकी मियाद अब 9 जुलाई को पूरी हो रही है। ऐसे में दुनिया भर की नजरें अब अमेरिका की अगली चाल पर टिकी हैं।

ब्रिक्स देशों की हालिया आलोचना पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो टूक जवाब दिया है। सोशल मीडिया पर एक तीखे संदेश में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की नई टैरिफ नीति में किसी भी देश को कोई रियायत नहीं मिलेगी। उन्होंने यह भी जोड़ा, “इस मुद्दे पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद!” यह बयान तब आया है जब ब्रिक्स देशों—जिनमें अब नए सदस्य भी शामिल हो चुके हैं—ने अमेरिका की एकतरफा व्यापार नीतियों, खासकर टैरिफ और गैर-टैरिफ उपायों, के खिलाफ साझा बयान जारी किया। ट्रंप की यह प्रतिक्रिया साफ इशारा करती है कि अमेरिका अब इन विरोधों का सख्ती से जवाब देने के मूड में है।

ब्रिक्स अब सिर्फ पांच देशों का समूह नहीं रहा। शुरुआत में इसमें ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे, लेकिन अब मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात जैसे नए देश भी जुड़ चुके हैं। इन देशों में से इंडोनेशिया ने हाल ही में, 6 जनवरी 2025 को आधिकारिक रूप से सदस्यता ली है। ट्रंप प्रशासन की तरफ से जुलाई में इन देशों पर अलग-अलग टैरिफ लगाए गए हैं —भारत पर 26%, चीन पर 34%, और दक्षिण अफ्रीका पर 30%। वहीं, मिस्र, ईरान, यूएई, इथियोपिया जैसे देशों पर 10% शुल्क लगाया गया है। रूस इस बार की टैरिफ सूची में शामिल नहीं था। इन टैरिफ दरों के ज़रिए अमेरिका यह संकेत दे रहा है कि वह अपने आर्थिक हितों से किसी भी हाल में समझौता नहीं करेगा।

अमेरिकी टैरिफ नीति पर ब्रिक्स का नजरिया


ब्रिक्स देशों ने अमेरिका की टैरिफ नीतियों पर साफ तौर पर असहमति जताई है। 17वीं ब्रिक्स समिट में दिए गए अपने बयान में उन्होंने कहा कि व्यापार और वित्त से जुड़ी कुछ नीतियाँ जब बिना सलाह-मशविरा के लागू की जाती हैं, तो वे सिर्फ वैश्विक व्यापार को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि WTO जैसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का भी उल्लंघन करती हैं। ब्रिक्स नेताओं का मानना है कि इस तरह के कदम दुनिया की अर्थव्यवस्था को और अस्थिर बना सकते हैं। ऐसे माहौल में, ब्रिक्स देश आपस में सहयोग जारी रखते हुए एक ऐसी वैश्विक व्यापार व्यवस्था को मज़बूत करने की कोशिश कर रहे हैं जो सभी के लिए पारदर्शी, न्यायसंगत और टिकाऊ हो। उनका साफ कहना है—टकराव से नहीं, सहयोग से ही आगे बढ़ा जा सकता है।

Tagged:
[post-views]
Share
Now