देहरादून के सरोवर होटल के पास 23 अक्तूबर को हुआ दर्दनाक हादसा एक मां की दुनिया उजाड़ गया। 19 साल की प्रज्ञा सिंह, जो उत्तरांचल यूनिवर्सिटी से एलएलबी की पढ़ाई कर रही हैं, दिल्ली से लौटते वक्त तेज रफ्तार कार की चपेट में आ गईं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि प्रज्ञा अब तक कोमा में हैं। पुलिस के मुताबिक, यह हिट एंड रन का मामला है — प्रज्ञा बस से उतरकर घर की ओर जा रही थीं, तभी पीछे से आई कार ने उन्हें टक्कर मारी और चालक फरार हो गया।
प्रज्ञा की मां आशा सिंह के लिए यह हादसा किसी तूफान से कम नहीं। पति के गुजर जाने के बाद वे अकेले ही तीन बच्चों की परवरिश कर रही थीं, लेकिन अब उनकी सबसे बड़ी बेटी जिंदगी और मौत से जूझ रही है। मां अस्पताल के बाहर बेटी की सांसों की आस में बैठी हैं, जबकि घर में 13 साल का छोटा भाई सदमे में है। यह घटना सिर्फ एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि एक परिवार की मजबूरी, दर्द और उम्मीद की कहानी बन गई है।






