जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। राम मंदिर को बम से उड़ाने की कथित साजिश में शामिल संदिग्ध आतंकी रहमान की जेल के भीतर हत्या कर दी गई। इस वारदात के बाद पूरे परिसर में हड़कंप मच गया।प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, रहमान न्यायिक हिरासत में था और हाई-सिक्योरिटी बैरक में रखा गया था। इसी दौरान उसी जेल में बंद एक अन्य कैदी अरुण पर उसकी हत्या करने का आरोप है। घटना उस समय हुई जब बैरक के अंदर सीमित संख्या में बंदी मौजूद थे।जेल प्रशासन के अनुसार, जैसे ही घटना की जानकारी मिली, सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और घायल रहमान को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।पुलिस ने आरोपी बंदी अरुण को अलग बैरक में शिफ्ट कर दिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में व्यक्तिगत रंजिश या आपसी विवाद की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अधिकारी अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच कर रहे हैं।इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और बंदियों की निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हाई-प्रोफाइल मामलों में बंद आरोपियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की जिम्मेदारी पर भी बहस तेज हो गई है।फिलहाल मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारी पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।जेल के भीतर हुई इस हत्या ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर सख्त सुरक्षा के दावों के बीच ऐसी घटनाएं कैसे हो जाती हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।






