मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर को लेकर मथुरा में साधु-संतों की एक अहम बैठक हुई। बैठक के बाद संतों की ओर से 6 दिसंबर को कारसेवा किए जाने की घोषणा का दावा सामने आया है। इससे पहले बुधवार को जन्मभूमि से जुड़े कार्यक्रम में शिला पूजन किया गया।
संतों ने बैठक के दौरान श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े अपने संकल्प को दोहराते हुए आगे की रणनीति पर चर्चा की। उनके मुताबिक, 6 दिसंबर को कारसेवा के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की जाएगी। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन या संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक स्थिति अलग से सामने आना बाकी है।
आज शिला पूजन पर रहा जोर
मथुरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आज शिला पूजन किया गया। संतों और श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही गई।
6 दिसंबर की घोषणा क्यों अहम?
6 दिसंबर की तारीख अयोध्या में 1992 की घटनाओं के कारण भारतीय राजनीति और धार्मिक आंदोलनों के इतिहास में बेहद संवेदनशील मानी जाती है। ऐसे में मथुरा में इसी तारीख को कारसेवा की घोषणा का दावा सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है।
आगे क्या होगा?
अब सभी की नजर प्रशासन की प्रतिक्रिया और 6 दिसंबर को लेकर प्रस्तावित कार्यक्रम पर रहेगी। यदि कारसेवा का कार्यक्रम आगे बढ़ता है तो सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियां भी महत्वपूर्ण होंगी। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद से जुड़े मामले पहले से ही न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं।






