(हमीरपुर सुमेरपुर)। लव जिहाद, गैंगरेप, धर्मांतरण का दबाव बनाने के आरोपी प्रशासन की कार्रवाई से बचने के लिए हाईकोर्ट की शरण में पहुंचे हुआ। उधर सिंचाई विभाग महोबा के अधिकारियों ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया है। नगर पंचायत द्वारा जारी किए गए नोटिस का जवाब देने के बजाय आरोपियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाना उचित समझा है।
कस्बे में गत 15 जनवरी को लव जिहाद,गैंगरेप,धर्मांतरण का दबाव बनाने को लेकर हुई घटना के बाद नगर पंचायत ने मुख्य आरोपियों के संपत्तियों पर नोटिस चस्पा कर एक सप्ताह में जवाब मांगा था। प्रशासन की इस कार्रवाई से बचने के लिए आरोपियों ने अदालत का रुख किया है। नगर पंचायत को जवाब देने के बजाय हाईकोर्ट में अपील दाखिल करके संपत्तियों के कागजात दाखिल कराकर न्याय की गुहार लगाई है। दो दिन पूर्व सिंचाई विभाग के एसडीओ रवि गुप्ता ने बताया था कि वह सुमेरपुर बंधी की रिपोर्ट गुरुवार को हमीरपुर जाकर प्रशासन को सौंप देंगे। गुरुवार को उन्होंने कहा कि वह कुछ भी बताने के लिए अधिकृत नहीं है। प्रशासन से जानकारी लेने के कहा। बता दे कि बस स्टैंड के जिस इंडियन लाज में गैंगरेप की घटना को अंजाम देकर अश्लील वीडियो बनाया गया है। वह इंडियन लाज सिंचाई विभाग की बंधी को ध्वस्त करके बनाया गया है। एक दशक पूर्व तक यहां पर करीब 40 फीट चौड़ी भारी भरकम सिंचाई विभाग की बंधी कायम थी। अब उसका नामोनिशान नहीं बचा है। उसके ऊपर आलीशान भवन, व्यापारिक प्रतिष्ठान, शोरूम, कार्यालय आदि बने हैं। सिंचाई विभाग की बंधी पर बने निर्माण को ध्वस्त कराने के लिए सरीला तहसील के रहटिया गांव निवासी श्याम बाबू यादव ने वर्ष 2021 में एक जनहित याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की थी। न्यायालय ने सिंचाई विभाग से रिपोर्ट तलब करके मामले की सुनवाई करके बंधी में बनाए गए मकानों को ध्वस्त करने का आदेश पारित किए थे। इस आदेश पर जिला प्रशासन न्यायालय से छह माह का समय मांग लिया था। तब से अदालत का यह आदेश प्रशासन के दफ्तर में धूल खा रहा है। नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी दिनेश आर्य ने बताया कि आरोपियों के तीन मकान के नक्शे पास नहीं कराए गए हैं। किसी मकान का गृह कर नहीं जमा हो रहा है। अभी तक आरोपियों ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है। जवाब देने के लिए महज दो दिन का समय बचा है।
(दीपक यादव )






