पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। Iran और United States के बीच हाल ही में बना अस्थायी युद्धविराम अब कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिए हैं कि तेहरान के साथ जारी बातचीत से कोई सकारात्मक नतीजा निकलने की उम्मीद नहीं बची है।
बताया जा रहा है कि ट्रंप इस समय Türkiye में आयोजित NATO Summit में शामिल हैं, जहां उन्होंने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई। इसी बीच दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियों में फिर तेजी देखी जा रही है, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी सेना ने ईरान के दक्षिणी हिस्सों में कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाते हुए कार्रवाई की। इनमें बंदर अब्बास, सीरिक और केश्म द्वीप के आसपास के सैन्य क्षेत्र शामिल बताए जा रहे हैं। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि यह कदम Strait of Hormuz के नजदीक व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर उठाया गया।
उधर, ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं, जिसके बाद क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए जल्द कोई नई पहल नहीं हुई, तो इसका असर पूरे पश्चिम एशिया की स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।






