कैराना। कस्बे के इस्सापुर खुरगान मार्ग पर स्थित मोहल्ला नई बस्ती में आवारा कुत्तों ने पांच मासूम बच्चों व एक बुजुर्ग समेत करीब आधा दर्जन लोगो पर हमला करके उन्हें गम्भीर रूप से घायल कर दिया। घटना से आक्रोशित मोहल्ले के लोगों ने प्रशासन से आवारा आतंक से निजात दिलाने की गुहार लगाई है। आवारा कुत्ते पूर्व में भी लोगो पर हमला करके उन्हें गम्भीर रूप से घायल कर चुके है।
कस्बे में आजकल आवारा आतंक से लोग हलकान है। शनिवार को कस्बे के इस्सापुर खुरगान मार्ग पर स्थित नई बस्ती मोहल्ले में आवारा कुत्तों के झुंड ने गली में खेल रहे मासूमों पर हमला बोल दिया, जिसमें 03 वर्षीय जिकरा, 12 वर्षीय ताहिर, 13 वर्षीय सादिक व 60 वर्षीय बुजुर्ग बशीर गम्भीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि आवारा कुत्तों ने इनके अलावा भी दो-तीन अन्य मासूमों को अपना शिकार बनाया है। इन घायलों का परिजनों के द्वारा कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाया गया। जहां पर इन्हें एंटी रैबीज वैक्सीन तथा अन्य उपचार दिया गया। घायलों में एक बच्चे की हालत गम्भीर होने के कारण उसे संयुक्त जिला चिकित्सालय के लिए रेफर किया गया है। मोहल्लेवासियों का आरोप है कि करीब आठ माह पूर्व भी आवारा कुत्तों ने हमला करके चार-पांच लोगों को घायल कर दिया था। उस वक्त भी प्रशासन की ओर से कोई संज्ञान नही लिया गया था। वहीं, सीएचसी पर तैनात फार्मासिस्ट मोहम्मद अली ने बताया कि इस्सापुर खुरगान मार्ग नई बस्ती क्षेत्र में कुत्तों के हमले में घायल पांच बच्चों को अस्पताल लाया गया था, जिन्हें एंटी रैबीज वैक्सीन दी गई है। एक बच्चे को गम्भीर अवस्था में डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के लिए रेफर किया गया है। उधर, एसडीएम शिवाजी यादव का कहना है कि नगरपालिका प्रशासन को अभियान चलाकर खूंखार हो चुके आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए कहा जायेगा,
जिम्मेदारों की अनदेखी से बढ़ रहा आतंक
आवारा जानवरों का आतंक निरंतर बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र में कुत्ते व बंदर आए दिन किसी न किसी व्यक्ति अथवा बच्चों पर हमला करके उन्हें घायल कर रहे हैं। ऐसे लोग सीएचसी में एंटी रैबीज के टीके लगवाने के लिए पहुंचते रहते हैं। सीएचसी में प्रत्येक सप्ताह के सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को कैंप लगाकर एंटी रैबीज के टीके लगाए जाते हैं। प्रत्येक सप्ताह 30 से 40 लोग टीका लगवाने आते हैं। शनिवार को भी काफी लोगों को एंटी रैबीज के टीके लगाए गए। सितंबर-2021 में बंदरों के हमले में बचने के प्रयास के दौरान छत से गिरकर भाजपा नेता अनिल चौहान की पत्नी की मौत हुई थी, तब प्रशासन हरकत में आया था और नगरपालिका को निर्देशित करते हुए टीम बंदरों को पकड़ा भी गया था। इसके बाद, शायद कभी-कभार ही टीम को बुलाया गया हो। क्षेत्र में आवारा कुत्तों से निजात दिलाने के लिए जिम्मेदार ध्यान देते नजर नहीं आ रहे हैं।





