उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। गुरुवार शाम टनल के भीतर अचानक पानी और मलबा घुसने से कई मजदूर फंस गए। हादसे में अब तक 7 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 3 लोगों की तलाश अभी जारी है।
यह हादसा विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में हुआ। अचानक पानी और मलबा आने के बाद मजदूरों को बाहर निकलने में मुश्किल हुई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन के साथ NDRF, SDRF और अन्य राहत एजेंसियों ने बचाव अभियान शुरू किया। अब तक कई श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।
खराब मौसम के बीच घटनास्थल पहुंचे CM धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को खराब मौसम के बीच पीपलकोटी पहुंचे। उन्होंने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली और अधिकारियों से टनल के अंदर फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए किए जा रहे प्रयासों की स्थिति जानी। मुख्यमंत्री ने खुद टनल के अंदर जाकर बचाव एवं राहत कार्य का जायजा लिया।
3 मजदूरों को निकालने के लिए अभियान जारी
रेस्क्यू टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती टनल के अंदर जमा पानी और मलबा है। अधिकारियों और बचाव दल की टीमें लगातार फंसे हुए मजदूरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। फिलहाल 3 लोगों की तलाश जारी बताई जा रही है।
मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री धामी ने हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। सरकार की ओर से घायलों के इलाज और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
रेस्क्यू ऑपरेशन पर नजर
प्रशासन का पूरा ध्यान टनल में फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। खराब मौसम के बावजूद राहत एवं बचाव दल लगातार अभियान में जुटे हैं। सरकार ने अधिकारियों को रेस्क्यू कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने और सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल चमोली के पीपलकोटी में राहत और बचाव अभियान जारी है और तीन लापता मजदूरों के सुरक्षित बाहर आने का इंतजार किया जा रहा है।





