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SIR के खिलाफ देशव्यापी मार्च की तैयारी, अभिजीत दीपके और राकेश टिकैत समेत कई बड़े नेता

नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के खिलाफ एक बार फिर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। ‘पीपुल्स अगेंस्ट SIR’ गठबंधन ने 23 अक्टूबर 2026 को देशभर में मार्च और विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। इस अभियान में छात्र, किसान, मजदूर, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।

अभिजीत दीपके, राकेश टिकैत समेत कई चर्चित चेहरे

इस प्रस्तावित आंदोलन में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके, किसान नेता राकेश टिकैत, अर्थशास्त्री परकाला प्रभाकर, अभिनेता प्रकाश राज और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के शामिल होने की बात कही गई है। इनके अलावा AISA अध्यक्ष नेहा बोरा, लेखक तुषार गांधी और आइशी घोष समेत कई अन्य लोगों के भी आंदोलन से जुड़ने की संभावना है। हालांकि, सभी की भागीदारी की अलग-अलग आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मांगें?

‘पीपुल्स अगेंस्ट SIR’ गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है। इसके साथ ही गठबंधन SIR प्रक्रिया को रद्द करने, मतदाता सूची से हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा शामिल करने और चुनाव सुधारों की मांग कर रहा है। गठबंधन ने चुनाव में बैलेट पेपर से मतदान की व्यवस्था बहाल करने की मांग भी रखी है।

‘हर हाथ में तिरंगा, हर गली में जंतर-मंतर’

आयोजकों ने देश के लोगों से अपने-अपने क्षेत्रों में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की अपील की है। इसके लिए ‘हर हाथ में तिरंगा, हर गली में जंतर-मंतर’ का नारा दिया गया है। गठबंधन का कहना है कि इस अभियान के जरिए मतदाता अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को उठाया जाएगा।

वहीं, SIR को लेकर चुनाव आयोग और आलोचकों के बीच मतभेद बने हुए हैं। प्रदर्शन से जुड़े आयोजकों ने मतदाता सूची से पात्र लोगों के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया है, जबकि चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया का बचाव किया गया है। ऐसे में 23 अक्टूबर का प्रस्तावित आंदोलन इस मुद्दे पर जारी बहस को फिर से चर्चा के केंद्र में ला सकता है।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि देशभर में इस आह्वान को कितना समर्थन मिलता है और विपक्षी दलों के नेता इसमें शामिल होते हैं या नहीं।

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