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लखनऊ में शिवम और शनि यादव करते रहे UPSC छात्रा को बंधक बनाकर गैंगरेप

लखनऊ विश्वविद्यालय में जूलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर परमजीत सिंह पर छात्रा से अभद्र बातचीत और पेपर लीक के आरोप लगे हैं. वायरल ऑडियो सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लिया है. छात्रों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है
लखनऊ विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है, जहां जूलॉजी विभाग के एक असिस्टेंट प्रोफेसर पर गंभीर आरोप लगे हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक ऑडियो ने पूरे कैंपस में सनसनी फैला दी है. इस ऑडियो में कथित तौर पर प्रोफेसर छात्रा से अश्लील बातचीत करते हुए और परीक्षा के प्रश्नपत्र आउट कराने का लालच देते हुए सुने जा रहे हैं. घटना सामने आने के बाद छात्रों में भारी आक्रोश देखने को मिला, जिसके चलते प्रॉक्टर ऑफिस का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया गया. विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद आरोपी प्रोफेसर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.
कब की है ये घटना?
पीड़िता मूल रूप से जौनपुर की रहने वाली है और दिल्ली के एक निजी कॉलेज में बीए ऑनर्स की छात्रा है. वह 15 मई को जौनपुर से सुहेलदेव एक्सप्रेस के जरिए दिल्ली लौट रही थी. इसी दौरान चारबाग रेलवे स्टेशन पर उसका परिचित शिवम यादव अपने दोस्त के साथ पहुंचा और बार-बार कहकर उसे ट्रेन से नीचे उतार लिया.

UPSC छात्रा संग 3 दिन तक गैंगरेप
आरोप है कि शिवम युवती को सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में स्थित अपने कमरे पर ले गया. वहां कॉफी में नशीला पदार्थ मिलाकर युवती को बेहोश किया गया और उसके साथ दुष्कर्म किया गया. अगले दिन शिवम के दोस्त शनि यादव ने भी युवती के साथ जबरदस्ती की. बाद में एक और युवक कमरे पर पहुंचा, जिसके बाद तीनों ने मिलकर युवती से कथित तौर पर गैंगरेप किया.

चारबाग स्टेशन से कमरे तक कैद
पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे कमरे में बंद करके रखते थे. जब भी खाना या सामान लेने बाहर जाते, कमरे का दरवाजा बाहर से लॉक कर देते थे ताकि वह भाग न सके. तीन दिनों तक युवती को बंधक बनाकर उसका शोषण किया गया. बताया जा रहा है कि वारदात के बाद आरोपी युवती को फिर से चारबाग स्टेशन लेकर पहुंचे और उसी सुहेलदेव एक्सप्रेस ट्रेन से दिल्ली भेज दिया, जिससे उसे उतारा गया था. डरी-सहमी युवती ने ट्रेन में अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी. इसके बाद परिवार ने रेलवे हेल्पलाइन 139 पर संपर्क कर मदद मांगी.

मामले में दिल्ली के आनंद विहार थाने में जीरो एफआईआर दर्ज की गई, जिसे बाद में लखनऊ ट्रांसफर कर दिया गया. पुलिस ने शिवम यादव, शनि यादव और एक अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पीड़िता और आरोपी एक-दूसरे को करीब 4-5 साल से जानते थे और दोनों परिवारों के बीच रिश्तेदारी भी बताई जा रही है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं और अलग-अलग जगहों पर दबिश दी जा रही है.

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