RTE एक्ट और NCTE मानकों का दिया हवाला, सहायक अध्यापक पद पर नियमित नियुक्ति की मांग
बरेली। जिले में TET/CTET उत्तीर्ण शिक्षामित्रों ने सहायक अध्यापक पद पर नियमित नियुक्ति दिए जाने की मांग तेज कर दी है। शिक्षामित्र शिक्षक पात्रता (TET/CTET) एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश की ओर से इस संबंध में जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजने की बात कही गई है। शिक्षामित्रों का कहना है कि वे लंबे समय से बेसिक शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे हैं और उनमें से बड़ी संख्या शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET/CTET भी उत्तीर्ण कर चुकी है। ऐसे में पात्र शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक पद पर नियमित नियुक्ति देने की दिशा में सरकार को निर्णय लेना चाहिए।
RTE एक्ट और NCTE मानकों का दिया हवाला
ज्ञापन में शिक्षामित्रों ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के मानकों का हवाला दिया है। संगठन का कहना है कि सहायक अध्यापक पद के लिए निर्धारित शिक्षक पात्रता से संबंधित शर्तों को कई शिक्षामित्र पूरा कर चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें अभी शिक्षामित्र के रूप में अल्प मानदेय पर कार्य करना पड़ रहा है।
शिक्षामित्रों का तर्क है कि जब वे आवश्यक शैक्षिक एवं शिक्षक पात्रता संबंधी योग्यता पूरी कर चुके हैं तो सरकार को उनके मामले पर सहानुभूतिपूर्वक और नियमानुसार विचार करते हुए नियमित नियुक्ति का रास्ता निकालना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी किया उल्लेख
ज्ञापन में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का उल्लेख करते हुए TET/CTET उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को नियमित किए जाने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि न्यायालय के आदेश, RTE के प्रावधानों और NCTE की निर्धारित पात्रता को ध्यान में रखते हुए योग्य शिक्षामित्रों के भविष्य पर सरकार को निर्णय लेना चाहिए।
शिक्षामित्रों के मुताबिक वे वर्षों से प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा हैं। विद्यालयों में अध्यापन के साथ विभाग की विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करते आ रहे हैं। लंबे अनुभव के साथ TET/CTET की पात्रता हासिल करने वाले शिक्षामित्रों को अब सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति का अवसर मिलना चाहिए।
25-26 वर्षों की सेवा का उठाया मुद्दा
शिक्षामित्रों ने कहा है कि वे करीब 25-26 वर्षों से बेसिक शिक्षा व्यवस्था में अल्प मानदेय पर सेवाएं दे रहे हैं। इतने लंबे सेवाकाल के बावजूद नियमित नियुक्ति नहीं मिलने से उनके सामने आर्थिक और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं।
संगठन का कहना है कि TET/CTET उत्तीर्ण करने वाले शिक्षामित्र शिक्षक पात्रता की महत्वपूर्ण शर्त पूरी कर चुके हैं। इसलिए उनकी लंबी सेवा और अनुभव को ध्यान में रखते हुए सरकार को उनके लिए नियमित नियुक्ति की व्यवस्था करनी चाहिए।
उत्तराखंड मॉडल लागू करने की मांग
ज्ञापन में उत्तराखंड में शिक्षामित्रों के संबंध में अपनाई गई व्यवस्था का हवाला भी दिया गया है। संगठन ने मांग की है कि उत्तर प्रदेश में भी पात्र शिक्षामित्रों के लिए इसी तरह की व्यवस्था पर विचार किया जाए और TET उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति का अवसर दिया जाए।
शिक्षामित्रों का कहना है कि इससे लंबे समय से सेवा कर रहे योग्य और अनुभवी शिक्षामित्रों को राहत मिलेगी तथा उनके अनुभव का लाभ बेसिक शिक्षा व्यवस्था को भी मिलता रहेगा।
नॉन-TET शिक्षामित्रों के लिए विभागीय TET की मांग
संगठन ने केवल TET/CTET उत्तीर्ण शिक्षामित्रों का मुद्दा ही नहीं उठाया है, बल्कि नॉन-TET शिक्षामित्रों के लिए भी रास्ता खोलने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि ऐसे शिक्षामित्रों को विभागीय TET परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाए। परीक्षा उत्तीर्ण कर निर्धारित पात्रता हासिल करने के बाद उन्हें भी सहायक अध्यापक बनने का अवसर मिल सके।
शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि उनकी लंबी सेवा, अनुभव और पात्रता को ध्यान में रखते हुए मामले पर निर्णय लिया जाए। संगठन ने RTE नियमों, NCTE मानकों, सर्वोच्च न्यायालय के आदेश तथा उत्तराखंड मॉडल के आधार पर TET/CTET उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक पद पर नियमित नियुक्ति दिए जाने की मांग दोहराई है।






