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ग्राम पंचायत कपिस्दा की पीडीएस दुकान में मृत व्यक्तियों के नाम पर चावल आहरण का गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

अशोक कुमार श्रीवास की खास रिपोर्ट बिलासपुर संभाग हेड


जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़।
जिला जांजगीर-चांपा के ग्राम पंचायत कपिस्दा स्थित पीडीएस दुकान क्रमांक 542005012 में गंभीर अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ग्राम के जागरूक नागरिकों द्वारा जिला कलेक्टर, जांजगीर-चांपा को लिखित आवेदन प्रस्तुत कर आरोप लगाया गया है कि पीडीएस दुकान संचालक द्वारा मृत व्यक्तियों के नाम पर लगातार चावल का आहरण कर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का दुरुपयोग किया जा रहा है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, पूर्व में भी इस संबंध में सुशासन तिहार के दौरान शिकायत की गई थी, किंतु खाद्य विभाग के संबंधित अधिकारियों एवं फूड इंस्पेक्टर की कथित मिलीभगत के चलते मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की गई और प्रकरण को दबाने का प्रयास किया गया।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि निम्नलिखित मृत व्यक्तियों के नाम पर चावल का आहरण किया गया —
खम्भे चंद्रा – मृत्यु दिनांक 17.11.2025
शांतिबाई चंद्रा – मृत्यु दिनांक 25.08.2021
लीला देवी – मृत्यु दिनांक 03.10.2022
छतराम धीवर – मृत्यु दिनांक 22.05.2023
राधेश्याम धीवर – मृत्यु दिनांक 03.08.2023
सम्मे बाई चंद्रा – मृत्यु दिनांक 24.07.2021
एवं अन्य मृत व्यक्ति
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उक्त मृत व्यक्तियों के परिजनों को नियमानुसार चावल वितरण नहीं किया गया, जबकि रिकॉर्ड में उनके नाम से चावल उठाव दर्शाया गया है। इसके अतिरिक्त पीडीएस संचालक पर पात्र हितग्राहियों का ई-केवाईसी नहीं करना, ओटीपी आधारित वितरण से इनकार करना, हितग्राहियों से अभद्र व्यवहार करना एवं धमकी देना जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
ग्रामीणों ने इसे गरीब एवं पात्र हितग्राहियों के संवैधानिक अधिकारों का हनन बताते हुए मामले की गहराई से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि एक स्वतंत्र जांच समिति गठित कर स्टॉक रजिस्टर एवं वितरण रिकॉर्ड की जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही संबंधित पीडीएस दुकान का लाइसेंस निरस्त करने एवं दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों पर भी नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ताओं में प्रमुख रूप से राजेश कुमार, विनोद चंद्रा, मनहरण, रेशमलाल चंदा, सुरेश चंद्रभाष, मनीराम चंद्रभाष, सुरज चंद्रभाष, योगेश कुमार सहीश, भोलाराम सहिश, अजय सागर एवं मागेलाल कोशले सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जनहित को ध्यान में रखते हुए शीघ्र एवं निष्पक्ष जांच कर न्यायोचित कार्रवाई करने की अपेक्षा की है।

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