- जनगणना 2027 के द्वितीय चरण की तैयारियां पूरी, सहारनपुर जनपद में लगाए जाएंगे 6,889 प्रगणक व सुपरवाइजर
सहारनपुर, 4 नवंबर। जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के तहत 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक आमजन को स्वगणना की सुविधा मिलेगी। इस दौरान लोग ऑनलाइन पोर्टल https://se.census.gov.in के माध्यम से अपने परिवार के सदस्यों की जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर पहुंचकर जनसंख्या गणना करेंगे। जनगणना के लिए सहारनपुर मंडल में कुल 15,152 तथा जनपद सहारनपुर में 6,889 प्रगणक एवं सुपरवाइजर तैनात किए जाएंगे।
बुधवार को मंडलायुक्त एवं मंडल जनगणना अधिकारी डॉ. रूपेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित प्रेसवार्ता में जनगणना 2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों एवं निर्धारित कार्यक्रम की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि जनगणना देश की 16वीं तथा स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद आठवीं जनगणना है। पहली बार जनगणना की प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित की जा रही है। जनगणना में प्रत्येक व्यक्ति की गणना सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जनगणना के प्रथम चरण में जनपद सहारनपुर में 22 मई से 20 जून 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य पूरा किया जा चुका है। अब दूसरे चरण में जनसंख्या गणना की जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 16 से 30 नवंबर तक स्वगणना, एक दिसंबर से चार जनवरी तक घर-घर गणना तथा पांच से नौ जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण का कार्य किया जाएगा।
ऑनलाइन स्वगणना की सुविधा वैकल्पिक
मंडलायुक्त ने बताया कि पहली बार आमजन को स्वगणना की सुविधा दी जा रही है। इसके तहत परिवार https://se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर अपने सदस्यों का विवरण स्वयं दर्ज कर सकते हैं। ऑनलाइन जानकारी भरने के बाद प्राप्त SE ID को सुरक्षित रखना होगा तथा प्रगणक के घर पहुंचने पर उसे उपलब्ध कराना होगा, जिससे विवरण का सत्यापन किया जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वगणना पूरी तरह वैकल्पिक है। जो परिवार ऑनलाइन जानकारी दर्ज नहीं कर पाएंगे, उनकी गणना प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर की जाएगी। प्रगणकों को डिजिटल माध्यम से जानकारी संकलित करने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।
40 प्रश्नों के माध्यम से जुटाई जाएगी जानकारी
जनगणना के दौरान निर्धारित प्रश्नावली में कुल 40 प्रश्न शामिल होंगे। इसमें परिवार के प्रत्येक सदस्य का नाम, आयु, लिंग, जन्मतिथि, जन्मस्थान, वैवाहिक स्थिति, परिवार के मुखिया से संबंध, धर्म, मातृभाषा, शैक्षिक योग्यता, साक्षरता, रोजगार एवं आजीविका संबंधी जानकारी संकलित की जाएगी।
इसके अतिरिक्त वर्तमान एवं पूर्व निवास स्थान, प्रवासन के कारण, दिव्यांगता, महिलाओं से संबंधित निर्धारित जनसांख्यिकीय जानकारी तथा बैंकिंग सुविधाओं तक पहुंच जैसे विषय भी शामिल होंगे। इन आंकड़ों के माध्यम से सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय स्थिति का आकलन कर भविष्य की विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी नीतियों के निर्माण में सहायता मिलेगी।
व्यक्तिगत जानकारी रहेगी गोपनीय
जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी अरविन्द कुमार चौहान ने बताया कि जनगणना के दौरान प्राप्त व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। जनगणना अधिनियम 1948 के अंतर्गत व्यक्तिगत जनगणना अभिलेखों को कानूनी संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने आमजन से अपील की कि प्रगणकों को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं। साथ ही किसी भी व्यक्ति को बैंकिंग पासवर्ड, एटीएम या यूपीआई पिन तथा ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों के संकलन की प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश और क्षेत्र के भविष्य की विकास योजनाओं का महत्वपूर्ण आधार है। प्रत्येक व्यक्ति की गणना सुनिश्चित करने के लिए जनसहभागिता आवश्यक है। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से जनगणना कार्यक्रम एवं स्वगणना प्रक्रिया का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का अनुरोध किया।
प्रेसवार्ता में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं जिला जनगणना अधिकारी सलिल कुमार पटेल ने भी जनगणना के द्वितीय चरण की तैयारियों और विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर नगर आयुक्त शिपू गिरी, सहायक निदेशक जनगणना आशुतोष कुमार, जिला सूचना अधिकारी दिलीप कुमार गुप्ता एवं सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार उपस्थित रहे।





