सहारनपुर में पांच सहायक आबकारी आयुक्त प्रवर्तन पहले से ही मौजूद है इनके हाथ मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश शासन ने 11 आबकारी निरीक्षकों को सहारनपुर भेजा है लेकिन सहारनपुर मंडल में वाहनों की कमी रहती है और अब 11 आबकारी निरीक्षक को बैठने के लिए कार्यालय और फर्नीचर भी चाहिए होंगे अभी शामली में भी वाहनों की जरूरत है जिसके लिए जिला आबकारी अधिकारी शामली ने एक पत्र लिखकर दबिश के लिए वाहन मांगे हैं आपको बता दे जिला आबकारी अधिकारी शामली अजय कुमार सिंह खुद चेक पोस्ट पर जाकर चेकिंग अभियान चलाते हैं और गांव देहातों में दबिश भी देते रहते हैं और शामली का रिवेन्यू भी कम नहीं होने देते सहारनपुर, शामली ऐसे जिले हैं यहां पर हरियाणा, चंडीगढ़ ,पंजाब की सीमाएं लगती है इन राज्यों की शराब की तस्करी सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश और बिहार, उत्तराखंड को प्रभावित करती हैं सहारनपुर में नए 11 आबकारी निरीक्षक तो सरकार द्वारा दिए गए हैं लेकिन इनको दबिश करने के लिए वाहनों की जरूरत पड़ेगी वह एक बड़ी समस्या है सहारनपुर मंडल में पांच सहायक आबकारी आयुक्तों को भी वाहन चाहिए होते हैं चेक पोस्टों का निरीक्षण करने के लिए लेकिन अब 11 आबकारी निरीक्षक चेक पोस्टों पर 24 घंटे मौजूद रहेंगे यह एक बड़ी समस्या रहेगी वाहनों की उप आबकारी आयुक्त सुधीर कुमार आबकारी निरीक्षक की कमी के चलते भी उन्होंने मंडल के चेक पोस्टों पर स्वयं जाकर बीच-बीच में चेकिंग करते रहते थे और कमी मिलने पर कार्रवाई भी करते रहते हैं
अब देखना है संयुक्त आबकारी आयुक्त और उप आबकारी आयुक्त वाहनों की इस समस्या और 11 आबकारी निरीक्षकों के कार्यालय की व्यवस्था का निस्तारण कैसे कर पाएंगे
रिपोर्ट
नीरज जॉय






