देवबंद, सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के देवबंद से बिजली विभाग में फैले भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देवबंद में तैनात एसडीओ (SDO) दिनेश कुमार मौर्या और उनके ऑपरेटर शाकिर को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह रिश्वत एक आरा चक्की के बिजली कनेक्शन के एवज में मांगी गई थी।
क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम भितली के रहने वाले भानू ने अपनी आरा चक्की के लिए 6-K.V के बिजली कनेक्शन हेतु 6 अप्रैल 2026 को आवेदन किया था। आरोप है कि जेई (J.E) अजीत कुमार और एसडीओ दिनेश कुमार मौर्या ने रिश्वत न मिलने के कारण इस आवेदन को मनमाने ढंग से निरस्त कर दिया था।
जब पीड़ित उपभोक्ता ने कनेक्शन निरस्त होने का कारण पूछा, तो एसडीओ दिनेश कुमार मौर्या ने खुलेआम ‘खर्चा-पानी’ की मांग की। उपभोक्ता को धमकाते हुए कहा गया कि यदि पैसे नहीं दिए तो ऐसे ही परेशान घूमते रहोगे। इतना ही नहीं, एसडीओ ने एस्टीमेट कम कराने और सारा काम पास कराने का लालच देकर 50,000 रुपये की भारी-भरकम रिश्वत की मांग की।
ऐसे बुना गया जाल: पीड़ित ने एक साथ इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई। इस पर एसडीओ ने सौदा तय करते हुए कहा कि 20,000 रुपये तुरंत दे दो और बाकी के 30,000 रुपये दो-चार दिन बाद दे देना।
मजबूरन उपभोक्ता ने 18 मई 2026 को दोबारा कनेक्शन के लिए अप्लाई किया। लेकिन इस बार पीड़ित ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला किया और पूरे मामले की गुप्त सूचना सहारनपुर की एंटी करप्शन (Anti-Corruption) टीम को दे दी।
रंगे हाथों पकड़े गए भ्रष्टाचारी: योजना के मुताबिक, 22 मई 2026 को जैसे ही उपभोक्ता ने 20,000 रुपये की पहली किश्त एसडीओ दिनेश कुमार मौर्या और ऑपरेटर शाकिर को सौंपी, वहां पहले से मुस्तैद एंटी करप्शन टीम ने दोनों को रंगे हाथों दबोच लिया। इस कार्रवाई से बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है।







