बरेली। सीबीगंज स्थित नगर निगम द्वारा संचालित कान्हा उपवन गौशाला में लगातार हो रही गोवंश की मौतों को लेकर व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मामले का संज्ञान लेते हुए गौ सेवा आयोग के सदस्य रमाकांत ने गौशाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने माना कि गौशाला में गोवंश की देखरेख व्यवस्था ठीक नहीं है।
रमाकांत के निरीक्षण के बाद गौशाला की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं। उन्होंने बरेली की गौशाला को उत्तर प्रदेश की सबसे खराब गौशालाओं में से एक बताया। हालांकि इस संबंध में आयोग की ओर से किसी आधिकारिक रिपोर्ट या रैंकिंग की पुष्टि होना अभी बाकी है।
इससे पहले हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि आधा दर्जन से अधिक मृत गोवंश को ट्रॉली में भरकर ले जाया जा रहा था। कार्यकर्ताओं ने ट्रॉली को रोककर विरोध जताया था। संगठन ने गौशाला में गोवंश की बदहाल स्थिति और खराब चारा दिए जाने के आरोप भी लगाए हैं।
लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच गौशाला में गोवंश की देखभाल, चारे की गुणवत्ता, साफ-सफाई और सरकारी बजट से होने वाले खर्च की निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदारी तय करने और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की मांग की है।
नगर निगम द्वारा संचालित इस गौशाला में लगातार हो रही गोवंश की मौतों के कारणों का पता लगाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर जांच और व्यवस्थाओं में सुधार की मांग तेज हो गई है।






