उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बड़ा राजनीतिक विवाद सामने आया है। सरकारी स्कूल में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव का जन्मदिन मनाने के मामले में स्कूल के प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया गया है।
मामला 1 जुलाई का है, जब आर्यनगर से समाजवादी पार्टी के विधायक अमिताभ बाजपेई परमट प्राइमरी स्कूल पहुंचे। यहां उन्होंने बच्चों के साथ केक काटकर अखिलेश यादव का जन्मदिन मनाया। कार्यक्रम के दौरान स्कूल परिसर में अखिलेश यादव के जन्मदिन का बैनर भी लगाया गया और बच्चों को स्कूल बैग वितरित किए गए।
विधायक ने इस कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किए। वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया। भाजपा नेताओं ने इसकी जानकारी कानपुर सांसद रमेश अवस्थी को दी, जिसके बाद उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की।
BSA ने 2 जुलाई को जांच के आदेश दिए। जांच में स्कूल के प्रिंसिपल नवीन कुमार त्रिपाठी को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। इसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
इस कार्रवाई पर सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने सवाल उठाए। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ दिन पहले एक बड़े नेता सरकारी स्कूल में बच्चों को ब्लैकबोर्ड पर “न से नरेंद्र” और “म से मोदी” लिखाकर पढ़ा रहे थे, तब कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। एक ओर प्रशासन ने सरकारी स्कूल में राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने को नियमों का उल्लंघन माना है, वहीं समाजवादी पार्टी इस कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बता रही है।
फिलहाल इस मामले में प्रशासन की कार्रवाई और राजनीतिक बयानबाज़ी दोनों चर्चा का विषय बने हुए हैं।





