झालावाड़ से ब्यूरो चीफ आसिफ शेरवानी की रिपोर्ट
मेला आयोजन से जुड़े विभाग आपसी समन्वय से समयबद्ध रूप से पूरा करें व्यवस्थाएं
झालावाड़, 06 अक्टूबर। राज्य स्तरीय श्री चन्द्रभागा पशुमेला (कार्तिक) झालरापाटन वर्ष 2026 के आयोजन को लेकर मंगलवार को मिनी सचिवालय स्थित सभागार में जिला कलेक्टर एवं मेला समिति अध्यक्ष अजय सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में मेला समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी 20 से 28 नवम्बर 2026 तक आयोजित होने वाले पशुमेले की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्री चन्द्रभागा पशुमेला जिले की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। इसे भव्य, सुव्यवस्थित, आकर्षक एवं आमजन के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मेले में आने वाले पशुपालकों, व्यापारियों, श्रद्धालुओं एवं आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रवेश, आवागमन, पार्किंग, पेयजल, विद्युत, स्वच्छता, चिकित्सा, सुरक्षा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जाए।
बैठक में गत वर्ष आयोजित मेले में किए गए नवाचारों की समीक्षा करते हुए उपयोगी नवाचारों को इस वर्ष भी प्रभावी रूप से लागू करने तथा आवश्यकता के अनुसार नए नवाचार शामिल करने पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने मेले के कार्यक्रम को आकर्षक एवं व्यवस्थित स्वरूप प्रदान करने के निर्देश देते हुए विभिन्न गतिविधियों का विभागवार दायित्व निर्धारित करने तथा सभी तैयारियां निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में मेला कार्यक्रम, विभिन्न विभागों द्वारा किए जाने वाले कार्यों, भूखण्ड आवंटन एवं भूखण्ड नीलामी कार्यक्रम सहित मेला परिसर में आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि भूखण्ड आवंटन एवं नीलामी की प्रक्रिया को पारदर्शी एवं व्यवस्थित रूप से संपादित किया जाए तथा मेला परिसर में विभिन्न गतिविधियों के लिए स्थान का समुचित नियोजन किया जाए।
मेला उद्घाटन एवं पारितोषिक वितरण समारोह के लिए मुख्य अतिथि की व्यवस्था, मेला प्रबंधन के लिए गठित की जाने वाली विभिन्न समितियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं प्रदर्शनी आयोजन को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कला, संस्कृति एवं लोक परंपराओं को प्रमुखता दी जाए तथा पशुपालकों एवं ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोगों के लिए मेले को उपयोगी एवं आकर्षक बनाया जाए।
बैठक में जिला कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने विभाग से संबंधित कार्यों की स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने कार्तिक स्नान के दिन चंद्रभागा नदी के घाटों पर आवश्यक व्यवस्थाएं व सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध हेतु निर्देशित किया।
जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेला स्थल पर स्वच्छता, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, पशु चिकित्सा सेवाएं, चिकित्सा एवं प्राथमिक उपचार, सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए। साथ ही मेला परिसर में साफ-सफाई एवं कचरा प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था रखने तथा आगंतुकों की सुविधा के लिए आवश्यक संकेतक एवं सूचना व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर रामचन्द्र खटिक, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शंभु दयाल मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा, उपखण्ड अधिकारी सोनू कुमारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं मेला समिति के सदस्य उपस्थित रहे।






