बांका जिले में पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी 16 सूत्री मांगों को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। अपने हक, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की मांग को लेकर पेंशनर्स ने सरकार के समक्ष मांगों की लंबी सूची रखी है। पेंशनर्स का कहना है कि देश और समाज की सेवा में अपना जीवन समर्पित करने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों और वरिष्ठ नागरिकों को अब भी कई मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
पेंशनर्स की प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन व्यवस्था को पुनः बहाल करने, नई पेंशन स्कीम को समाप्त करने तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ देने की मांग शामिल है। साथ ही 8 वें केंद्रीय वेतन आयोग का लाभ 31 दिसंबर 2025 से पहले सेवानिवृत्त हुए सभी कर्मचारियों को देने की मांग भी जोरदार तरीके से उठाई गई है।
पेंशनर्स ने महंगाई भत्ते को केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर करने तथा कोरोना काल के दौरान 18 महीनों के बकाया महंगाई भत्ते का ब्याज सहित भुगतान करने की मांग रखी है। इसके अलावा पेंशन की कम्यूटेशन अवधि को कम कर 11 साल करने की मांग भी की गई है।
यात्रा के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को राहत देने के लिए ट्रेन, हवाई जहाज, सरकारी बसों के साथ-साथ निजी एवं सहकारी बसों के किराये में भी रियायत देने की मांग उठाई गई है। वहीं सभी पेंशनर्स को मेडिकल इंश्योरेंस के माध्यम से बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई है।
मांगपत्र में 65 वर्ष की उम्र के बाद पेंशन में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी तथा 85 वर्ष की उम्र के बाद अतिरिक्त पेंशन देने की मांग शामिल है। वरिष्ठ नागरिकों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बढ़ाकर 5000 रुपये प्रतिमाह करने की भी मांग की गई है।
पेंशनर्स ने सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों के निजीकरण पर रोक लगाने, असंगठित क्षेत्र से जुड़े मुद्दों का समाधान करने, नई शिक्षा नीति 2020 पर पुनर्विचार करने तथा टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने जैसी मांगें भी उठाई हैं। किसानों के हित में फसलों का उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने की मांग भी मांगपत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इसके साथ ही प्रत्येक जिला मुख्यालय में पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए विश्राम गृह बनाने की मांग की गई है, ताकि दूर-दराज से आने वाले बुजुर्गों को आवश्यक सुविधाएं मिल सकें। कानून व्यवस्था में आवश्यक सुधार करते हुए महिलाओं की सुरक्षा की गारंटी देने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी गई है।
पेंशनर्स का स्पष्ट कहना है कि पेंशन केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि जीवन भर की सेवा और मेहनत का सम्मान है। सरकार को चाहिए कि वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनर्स की इन जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय ले।
क्योंकि जिन्होंने अपने जीवन का स्वर्णिम समय देश और समाज की सेवा में दिया, उनके बुढ़ापे को संघर्ष नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और सुकून मिलना चाहिए। मनोरंजन प्रसाद, ब्यूरो चीफ, बांका।
16 सूत्री मांगों को लेकर पेंशनर्स और वरिष्ठ नागरिकों की हुंकार, सम्मानजनक जीवन और अधिकारों की उठाई आवाज

Tagged:#POLITICS




