जयपुर,
बाल अधिकारों की सुरक्षा और बाल संरक्षण के मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से वेस्टा मौर्या पैलेस, जयपुर में ‘’पारदर्शिता’’ द्वारा आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में 65 चाइल्ड कलेक्टिव के सदस्य शामिल हुए। यह कार्यक्रम बच्चों के अधिकारों और उनके संरक्षण के प्रति समाज की जिम्मेदारी को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रशिक्षण के दौरान, बच्चों को उनके अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया गया और यह समझाया गया कि वे अपने अधिकारों की सुरक्षा कैसे कर सकते हैं। संदर्भ व्यक्ति श्री योगेश कुमार ने बाल श्रम, शोषण, और शारीरिक व मानसिक हिंसा से संबंधित मुद्दों पर प्रकाश डाला, साथ ही बच्चों को इस संदर्भ में कानूनी जानकारी भी प्रदान की।

पारदर्शिता संस्था के निदेशक, श्री राजीव कुमार, ने कहा, “हमारा उद्देश्य बच्चों को उनकी आवाज़ सुनने का मौका देना और उन्हें यह समझाना है कि वे अपनी सुरक्षा और अधिकारों के प्रति सजग रहें। इस प्रकार के प्रशिक्षण बच्चों को उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करते हैं।”
इसके अलावा बताया गया कि पारदर्शिता 6 वर्षों से जयपुर शहर में बच्चों के अधिकारों, बालक बालिकाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा एवं सुरक्षा के क्षेत्र में जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न कार्य/गतिविधियों संचालित कर रहा है।
पारदर्शिता संस्था के कार्यक्रम समन्वयक श्री गणपत राम शर्मा ने बाल समूह की आवश्यकता और उनके कार्यों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि चाइल्ड कलेक्टिव ग्रुप बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान करता है। इस ग्रुप का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, उन्हें अपनी समस्याओं को साझा करने का सुरक्षित स्थान देना और समाज में बाल संरक्षण के मुद्दों पर आवाज उठाना है। बाल समूह में अध्यक्ष और सदस्यों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
इसके साथ ही बताया गया कि जयपुर शहर के 8 क्षेत्रों के 14 बाल समूह ने जुलाई 2025 से अब तक 61 बाल मजदूरी एवं 21 बाल विवाह के मामले चिन्हित करके उनमें से 41 बाल मजदूरी एवं 12 बाल विवाह के मामलों को समन्धित इकाइयों से सम्पर्क करके एवं चिठ्ठियाँ लिखकर समाधान करवाकर उनको बाल अधिकारों का हक़ दिलवाया है।
पारदर्शिता से हीना कौसर ने बताया कि चाइल्ड कलेक्टिव द्वारा अब तक कितने बाल अधिकारों से जुड़ी समस्याओं को चिन्हित किया गया है और इन मुद्दों के समाधान के लिए किस प्रकार काम किया गया है। उनके अनुसार, बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उनके मुद्दों पर काम करना, चाइल्ड कलेक्टिव का मुख्य उद्देश्य है।
बाल समूह सदस्यों में सक्रीयता एवं आत्मविश्वास के साथ सादिया, तस्मियाँ, अर्शी, राहिल, अदनान, जुबेर, खुशबु, सना, फहिमा, यासमीन, गुलसफा, तारीफ़ एवं नूरफशा ने अपने क्षेत्रों में बालमजदूरी एवं बाल विवाह की रिक्क / चपेट में आये बच्चों को उनके अधिकारों की रक्षा के लिए किये कार्यों को उदाहरणों के साथ बताया गया।
कार्यक्रम में बच्चों को विभिन्न खेलों, कार्यशालाओं और समूह चर्चाओं के माध्यम से अपने अधिकारों के बारे में सीखने का मौका मिला। उन्होंने यह भी सीखा कि किस तरह से वे अपनी समस्याओं को साझा कर सकते हैं और उन्हें उचित समाधान प्राप्त कर सकते हैं।






