IMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने INDIA ब्लॉक पर दिल खोलकर हमला बोला। उनका कहना है कि “एकतरफा मोहब्बत कब तक चलेगी?” — यानी उनकी पार्टी को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि वे गरीबों और कमजोर तबकों की आवाज उठाते हैं। उन्होंने साफ कहा कि विपक्ष नहीं चाहता कि कोई ज़मीन से जुड़ा नेता आगे आए, जो हाशिये के लोगों की हक की बात करे।बिहार में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले ओवैसी ने तीसरे मोर्चे की वकालत की और कहा कि उनकी पार्टी मजबूती से मैदान में उतरेगी।
ओवैसी बोले – “चुनाव आयोग को ये हक ही नहीं कि वो तय करे कौन नागरिक है और कौन नहीं। ये काम गृह मंत्रालय का है, न कि किसी ‘सूत्र’ का।” उन्होंने इसे सीधे तौर पर ‘बैकडोर एनआरसी’ कह दिया। उनके मुताबिक, ये सीमांचल के गरीब और अल्पसंख्यक लोगों को टारगेट करने की कोशिश है।उन्होंने कहा कि B.L.O. (बूथ लेवल ऑफिसर्स) की लिस्ट पब्लिक होनी चाहिए ताकि लोग जान सकें कि किस आधार पर नागरिकता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। ओवैसी ने याद दिलाया कि संसद में खुद सरकार ने स्वीकारा था कि 2016 से 2019 के बीच एक भी विदेशी नागरिक नहीं मिला।भावनात्मक लहजे में ओवैसी का संदेश साफ था”हमारे लोगों को डराकर मत घेरो। लोकतंत्र में हर किसी की जगह है। और हम अपनी जगह खुद बनाएंगे।” ओवैसी ने INDIA ब्लॉक की नीति पर सवाल उठाए, SIR को संविधान विरोधी करार दिया और तीसरे मोर्चे की बात दोहराई — ज़मीनी स्तर से जुड़े लोगों की आवाज बनने का भरोसा दिलाया।






