उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे ने सियासी हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उन्हें इस्तीफे की असली वजह की जानकारी नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि यह मामला धनखड़ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच का है और सच्चाई वही दोनों बता सकते हैं। खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि बतौर राज्यसभा सभापति, धनखड़ ने हमेशा सरकार का पक्ष लिया और विपक्ष को कभी भी किसानों, गरीबों, महिलाओं, दलितों और सामाजिक मुद्दों पर बोलने का अवसर नहीं दिया।
खरगे ने सवाल उठाया कि जब विपक्ष ने नोटिस देकर गंभीर मुद्दे उठाने की कोशिश की, तब भी उन्हें बोलने से रोका गया। जब उनसे पूछा गया कि क्या किसानों के पक्ष में बोलने के कारण धनखड़ को इस्तीफा देना पड़ा, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। वहीं कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बदले जाने की अटकलों पर खरगे ने कहा कि अभी कुछ नहीं कहा जा सकता, समय आने पर फैसला होगा। गौरतलब है कि 21 जुलाई को उपराष्ट्रपति धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया, लेकिन इस फैसले ने सियासी चर्चाओं को और तेज कर दिया है।






