न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने भारत के सामाजिक कार्यकर्ता और जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद को एक चिट्ठी भेजी है। इस पत्र में मेयर ममदानी ने लिखा है कि वे उमर खालिद की स्थिति को लेकर चिंतित हैं और लगातार उनके बारे में सोच रहे हैं।
मेयर जोहरान ममदानी ने अपने संदेश में लोकतांत्रिक मूल्यों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की अहमियत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक समाज में असहमति की आवाज़ को सुना जाना चाहिए, न कि उसे दबाया जाना चाहिए।
चिट्ठी में यह भी संकेत दिया गया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई लोग उमर खालिद के मामले पर नजर बनाए हुए हैं। मेयर ममदानी ने उम्मीद जताई कि न्यायिक प्रक्रिया निष्पक्ष होगी और मानवीय दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ेगी।
इस पत्र के सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। समर्थकों का कहना है कि यह मामला अब सिर्फ देश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वैश्विक स्तर पर लोकतंत्र और अधिकारों की बहस का हिस्सा बन गया है।
हालांकि, आधिकारिक तौर पर भारत सरकार या संबंधित एजेंसियों की ओर से इस पत्र को लेकर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
उमर खालिद के पक्ष में न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी की चिट्ठी 08 डेमोक्रेटिक सांसदों ने भी रिहाई के लिए….






