केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान ने अपने पिता रामविलास पासवान की चौथी पुण्यतिथि पर एक बार फिर साफ कर दिया कि उनकी राजनीति का मकसद सिर्फ एक है — “बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट।” उन्होंने कहा कि एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर उनकी नाराजगी की खबरें बेबुनियाद हैं। “न मुझे किसी पद की चाह है, न किसी सीट की नाराजगी,” उन्होंने साफ कहा। चिराग का कहना था कि बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है और सही समय पर सही फैसला लिया जाएगा।चिराग ने बताया कि उनका एकमात्र सपना अपने पिता का सपना पूरा करना है — एक मजबूत और विकसित बिहार बनाना। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता राज्य की सभी 243 विधानसभा सीटों पर मजबूती से तैयारी में जुटे हैं, हालांकि एनडीए के साथ तालमेल को प्राथमिकता दी जाएगी। पूरे दौरे के दौरान चिराग ने पारिवारिक मसलों पर चुप्पी साधे रखी और अपना फोकस विकास, विचार और नीति पर बनाए रखा। उन्होंने साफ संदेश दिया — अब उनकी राजनीति सिर्फ बिहार के लिए है, और वे अपने पिता की विरासत को “बिहार फर्स्ट” के नारे के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।






