मुंबई के पवई स्थित आरए स्टूडियो में गुरुवार को दिल दहला देने वाली घटना हुई, जब 17 बच्चों को बंधक बनाने वाला रोहित आर्य पुलिस की कार्रवाई में गोली लगने के बाद मौत के घाट उतर गया। घटना से पहले रोहित ने ऑडिशन में आए बच्चों को पकड़ लिया था और धमकियां दीं। पुलिस ने शुरू में बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन जब बात नहीं बनी, तो बाथरूम के रास्ते अंदर घुसकर सभी बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
बता दे की रोहित ने खुद एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उसने धमकी देते हुए कहा कि वह आतंकवादी नहीं है और न ही पैसे की वजह से यह कर रहा है। उसकी मांगें ‘नैतिक’ थीं और बच्चों को बंधक बनाने का मकसद केवल बातचीत करना था। वह बार-बार बच्चों को मारने की धमकी दे रहा था और उसके पास कुछ केमिकल भी पाए गए, जिनसे आग लगाने का खतरा था। पुलिस ने मौके से एयर गन और अन्य सामग्री जब्त कर ली है, और फॉरेंसिक टीम सबूतों की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार रोहित पुणे का रहने वाला था और सरकारी प्रोजेक्ट्स से जुड़ा ठेकेदार था। उसे एक सरकारी स्कूल के प्रोजेक्ट का लगभग दो करोड़ रुपये का भुगतान बकाया था, जिसे लेकर वह लंबे समय से परेशान था। यही विवाद उसकी कार्रवाई की वजह माना जा रहा है। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि मामले की पूरी जानकारी जल्द साझा की जाएगी, जबकि पुलिस ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए इस अभियान को चुनौतीपूर्ण बताया।






