दीपक यादव हमीरपुर उत्तर प्रदेश
(हमीरपुर सुमेरपुर) गत माह 15 जनवरी को कस्बे में हुए लव जिहाद,दुष्कर्म एवं धर्मांतरण के दबाव के मामले में आरोपी बनाए गए मौलाना खान के व्यावसायिक साझेदारों की कुंडली प्रशासन तैयार करने में जुटा हुआ है। कस्बे के पांच चुनिंदा व्यापारियों को चिन्हित करके उनकी आमदनी के स्रोत खंगाले जा रहे हैं। कुछ लोगों को बुलाकर पूछताछ भी की गई है। इससे इन लोगों में खलबली मच गई है।
मौलाना खान का पुश्तैनी कारोबार लकड़ी का रहा है। इसको जिले का लकड़ी माफिया कहा जाता है। मौलाना खान ने जब बसपा से नजदीकी बढ़ाई तब इसने लकड़ी के अलावा जमीन का कारोबार शुरू किया। इसको कस्बे में भूमाफिया भी कहा जाता है। जमीन के धंधे में इसने कस्बे के कुछ गैर मुस्लिमों को शामिल किया और जमकर खरीद फरोख्त करके कस्बे के चारों तरफ प्लाटिंग का कारोबार किया। अब इन्हीं साझेदारों की कुंडली प्रशासन मौलाना खान के साथ खंगाल रहा है। कुछ लोगों को थाने लाकर पूछताछ भी की गई है। खुफिया सूत्रों का दावा है कि प्रशासन गहनता के साथ मौलाना खान और उसके साथियों की कुंडली खंगाल रहा है। इनके आमदनी के स्रोत ढूंढ़े जा रहे हैं। बताते हैं कि यह तब संभव हुआ है जब भाजपा के एक कद्दावर नेता ने मुख्यमंत्री से भेंट करके मौलाना खान का काला चिट्ठा मुख्यमंत्री के समक्ष रखा है। इसके बाद ही प्रशासन सक्रिय हुआ है। प्रशासन के पूछताछ करने के बाद साझेदारों में हड़कंप मच गया है। यह लोग मौलाना खान से संबंधों को सिरे से नकारने लगे हैं, साथ ही दूरियां बढ़ा ली। खुफिया सूत्रों का कहना है कि जल्द ही इनकी कुंडली तैयार करके शासन को भेजी जाएगी। इसके उपरांत ही इनके खिलाफ जांच शुरू होगी। अभी महज उनकी संपत्तियों का ब्योरा तैयार किया जा रहा है। साथ ही आमदनी के स्रोत एकत्र किए जा रहे हैं। वहीं चर्चा है कि कस्बे का एक कद्दावर भाजपा नेता आरोपियों को बचाने में लगा हुआ है।






