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कब्रिस्तान में पेड़ों को लेकर विवाद गहराया, राव दाऊद ने खलील सलमानी के आरोपों पर उठाए सवाल

गागलहेड़ी/सहारनपुर। थाना गागलहेड़ी क्षेत्र के गांव हरौड़ा मुस्तकम स्थित कब्रिस्तान में पेड़ों को हटाए जाने का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। कब्रिस्तान में हरे और सूखे पेड़ों को लेकर उठे विवाद के बीच अब राव दाऊद का वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मेरठ प्रांत सह-संयोजक खलील सलमानी के आरोपों पर सवाल उठाते हुए अपना पक्ष रखा है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है और अब लोगों की निगाहें संबंधित विभाग की जांच पर टिकी हैं।
राव दाऊद का कहना है कि कब्रिस्तान में जिन पेड़ों को लेकर हरे पेड़ काटे जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पेड़ कथित तौर पर केमिकल डाले जाने के कारण सूख गए थे। उनका दावा है कि पेड़ों के सूखने के मामले की भी जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पेड़ वास्तव में किस परिस्थिति में सूखे और उन्हें हटाने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने खलील सलमानी के आरोपों को गलत बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
कब्रिस्तान की जमीन को लेकर भी उठाए सवाल
राव दाऊद ने अपने बयान में कब्रिस्तान की जमीन को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन पर लंबे समय से जुताई की जा रही थी और इस पहलू की भी जांच होनी चाहिए। हालांकि, जमीन पर जुताई किए जाने और पेड़ों को केमिकल से सुखाए जाने संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। इन आरोपों की वास्तविकता संबंधित अभिलेखों और जांच के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
वन विभाग की जांच से सामने आएगी सच्चाई
इस पूरे प्रकरण में पहले भी कब्रिस्तान से पेड़ हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए गए थे। मामले की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारी मौके का निरीक्षण कर चुके हैं। अब जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि पेड़ हरे थे या सूखे, उन्हें किस परिस्थिति में हटाया गया और इस संबंध में नियमों का पालन किया गया या नहीं।
फिलहाल, राव दाऊद और खलील सलमानी के पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप सामने आ रहे हैं। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पेड़ों को हटाए जाने और कब्रिस्तान की जमीन से जुड़े विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

रिपोर्ट Naim.sagar

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