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आम आदमी का हथियार आरटीआई””जनता को जवाब देना होगा!”

“जयपुर में पहली आम आदमी का हथियार आरटीआई”
“जनता को जवाब देना होगा!” 08 वार्ड पार्षदों पर एकसाथ दायर हुई RTI — 5 साल में हुए विकास कार्यों का मांगा पूरा हिसाब”

“भ्रष्टाचार पर अब वार्ड स्तर से होगा हमला, आरटीआई बना जनजागृति का अस्त्र!”

राजस्थान की राजधानी जयपुर एक नए बदलाव की ओर बढ़ रही है। शहर के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब सभी वार्ड पार्षदों के खिलाफ एकसाथ सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई ) के तहत जवाब मांगा गया है। यह ऐतिहासिक पहल की है “आरटीआई एसोसिएशन ऑफ इंडिया” के जयपुर जिला अध्यक्ष श्री अहसान खान ने।

इस आरटीआई के ज़रिए पिछले 5 वर्षों में पार्षदों द्वारा कराए गए विकास कार्यों, खर्च किए गए बजट, ठेकेदारों की नियुक्ति, और कार्य की गुणवत्ता की संपूर्ण जानकारी मांगी गई है।

“जनता को जानने का हक़ है कि उनका पैसा कहाँ खर्च हो रहा है” – अहसान खान”

“जिला अध्यक्ष अहसान खान ने कहा:”

  • “भ्रष्टाचार की असली जड़ वार्ड स्तर पर होती है। यहाँ पर पार्षद और ठेकेदार मिलकर विकास के नाम पर सिर्फ ठगी करते हैं। फर्जी बिल, अधूरे काम और दिखावटी योजनाओं से जनता का पैसा बर्बाद किया जा रहा है। आरटीआई के ज़रिए अब हर वार्ड से जवाब माँगा जाएगा।”

“विकास नहीं, भ्रष्टाचार हुआ है!”

जहाँ एक ओर पार्षद चुनाव से पहले दोपहिया वाहन पर प्रचार करते दिखाई देते हैं, वहीं जीत के कुछ ही महीनों में उनकी जीवनशैली VIP स्तर की हो जाती है।

“महंगी गाड़ियाँ,”
“आलीशान मकान”
“महंगे विदेशी टूर”

ये सब आखिर किसके पैसे से? आम आदमी के पास सवाल हैं, अब उन्हें जवाब चाहिए।

“आरटीआई क्या माँग रही है?”

“पिछले 5 सालों में प्रत्येक वार्ड को मिला बजट”

“किस कार्य पर कितना खर्च हुआ”

“किस ठेकेदार को कितनी राशि मिली”

“कार्य की स्थिति और गुणवत्ता “

“जनता की भागीदारी कितनी रही”

“अब पार्षदों को देना होगा जवाब”

आरटीआई (सूचना का अधिकार) कानून के तहत, संबंधित विभागों और पार्षदों को 30 दिनों के भीतर इन सवालों का जवाब देना होगा। अगर जानकारी नहीं दी गई, तो कानूनी कार्रवाई और अपील की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

” जनता के लिए संदेश:”
आरटीआई आपका अधिकार है,
अपने टैक्स का हिसाब मांगना आपका हक है!
भ्रष्टाचार से डरना नहीं, सवाल करना शुरू करो।

अब वक्त आ गया है कि जनता चुप न बैठे। हर नागरिक को अपने वार्ड में हुए कामों की जानकारी लेनी चाहिए — क्योंकि जब सवाल पूछे जाते हैं, तभी जवाबदेही बनती है।

“भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है – सच की मांग। और सच आरटीआई से सामने आता है।”
आरटीआई को अपनाएं, पारदर्शिता को बढ़ावा दें।

“दायर आरटीआई

पार्षद—————-वार्ड संख्या
सना वसीम खान, 28
मो. जकारिया (शेरम) ‌‌‌‌ 65
रोहित कुमार चांवरिया 62
असलम फारूकी 29
बरखा अविनाश सैनी 04
जमीला बेगम 30
सावित्री 82
सुरेश सैनी 13

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