अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने साफ शब्दों में कहा है कि ईरान शांति का समर्थक है, लेकिन अपनी इज्जत और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए हर कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा कि कुछ देश अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे विवाद में मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहा है, लेकिन अगर देश की गरिमा और आज़ादी पर हमला होता है तो उसका जवाब देना भी जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को खो दिया है और शायद कुछ लोगों ने इसे ईरान की कमजोरी समझ लिया है। राष्ट्रपति ने चेतावनी देते हुए कहा, “हमें कम मत आंकिए। मध्यस्थता उन लोगों पर होनी चाहिए जिन्होंने ईरानी जनता को कम आंका और इस टकराव को भड़काया।”
इस बयान के साथ ही क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने इजरायल पर हमलों की एक नई श्रृंखला शुरू कर दी है, जिसमें बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें ईरान की अत्याधुनिक सुपर-हेवी मिसाइल खोर्रमशहर-4 भी शामिल बताई जा रही है।
उधर, लेबनान की आधिकारिक नेशनल न्यूज एजेंसी के अनुसार शुक्रवार दोपहर दक्षिणी लेबनान के शहर शिडोन में एक रिहायशी इमारत पर इजरायली हवाई हमला किया गया। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।
मध्य पूर्व में बढ़ते इस टकराव को लेकर कई देश कूटनीतिक स्तर पर शांति स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ईरान के ताजा बयान से साफ है कि फिलहाल स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।
ईरान का अमेरिका को कड़ा संदेश, हमें कम मत आंकिए राष्ट्रपति मसूद बोले इज्जत और आज़ादी से कोई समझौता …..






