मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच एक बड़ा दावा सामने आया है। ईरान की सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने कहा है कि उसने अमेरिकी नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham Lincoln को मिसाइल से निशाना बनाया है। ईरानी पक्ष का दावा है कि इस हमले में जहाज को गंभीर नुकसान पहुंचा और उसे ऑपरेशन क्षेत्र से हटना पड़ा।
हालांकि अमेरिका ने इन दावों को सिरे से खारिज किया है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों का कहना है कि उनका युद्धपोत पूरी तरह सुरक्षित है और अपनी तैनाती पर कायम है। अभी तक किसी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने हमले या नुकसान की पुष्टि नहीं की है।
इराक में अमेरिकी सैन्य विमान हादसा
इसी बीच इराक से भी बड़ी खबर आई है। अमेरिकी वायुसेना का एक रिफ्यूलिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह विमान नियमित मिशन पर था। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह तकनीकी खराबी हो सकती है, जबकि कुछ स्थानीय संगठनों ने इसे हमले से जोड़कर दावा किया है।
फिलहाल आधिकारिक स्तर पर किसी हमले की पुष्टि नहीं हुई है। बचाव अभियान जारी है और विमान में सवार कर्मियों की स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
क्षेत्र में बढ़ता सैन्य तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच हालिया घटनाओं ने क्षेत्रीय हालात को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। खाड़ी क्षेत्र में पहले से ही सैन्य गतिविधियां तेज हैं। मिसाइल परीक्षण, ड्रोन निगरानी और नौसैनिक तैनाती लगातार बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के दावों और जवाबों के बीच यह टकराव जारी रहता है तो व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
क्या है स्थिति अभी?
ईरान ने हमले का दावा किया है।
अमेरिका ने नुकसान की बात से इनकार किया है।
इराक में विमान दुर्घटना की जांच जारी है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
मौजूदा हालात में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह घटनाएं सीमित सैन्य टकराव तक रहेंगी या आगे बड़ा रूप ले सकती हैं।






