मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान और इस्राइल के बीच जारी टकराव अब और ज्यादा खतरनाक होता दिख रहा है। एक तरफ ईरान ने लंबी जंग के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है, वहीं दूसरी ओर इस्राइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाके में कई हवाई हमले किए हैं। इन घटनाओं के बीच अमेरिका, सऊदी अरब और हिज्बुल्ला भी सीधे तौर पर इस संकट में सक्रिय नजर आ रहे हैं।
ईरान बोला- लंबी जंग के लिए तैयार
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड यानी आईआरजीसी के प्रवक्ता ने कहा है कि देश लंबे युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में ऐसे नए हथियारों का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिनके बारे में दुनिया ने अभी तक नहीं देखा है। ईरान का कहना है कि अगर उस पर हमले जारी रहे तो वह और बड़े स्तर पर जवाब देगा।
दक्षिणी बेरूत पर इस्राइल के कई हमले
इस्राइली सेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी हिस्से में कई हवाई हमले किए। यह इलाका हिज्बुल्ला का मजबूत गढ़ माना जाता है। हमलों के बाद इलाके में भारी तबाही की खबरें सामने आ रही हैं, हालांकि अब तक हताहतों की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। इस्राइल का दावा है कि उसने हिज्बुल्ला के कई ठिकानों को निशाना बनाया।
अमेरिका ने ईरान के 30 जहाज डुबोने का दावा किया
इस बीच अमेरिका ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उसकी सैन्य कार्रवाई में ईरान के करीब 30 जहाजों को समुद्र में डुबो दिया गया है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई ईरान की सैन्य गतिविधियों को रोकने के लिए की गई। हालांकि ईरान की ओर से इस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इस्राइल पर ईरान ने क्लस्टर बम गिराए
तनाव के बीच ईरान ने भी इस्राइल पर हमला तेज कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने इस्राइल के कई इलाकों पर क्लस्टर बम गिराए हैं। इन हमलों से कई जगहों पर नुकसान की खबरें सामने आई हैं और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
सऊदी अरब ने ड्रोन हमले को किया नाकाम
सऊदी अरब ने भी दावा किया है कि राजधानी रियाद के पूर्वी हिस्से में आए ड्रोन को उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया। अधिकारियों के मुताबिक इन ड्रोन के जरिए किसी बड़े हमले की कोशिश की जा रही थी, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया।
हिज्बुल्ला ने हाइफा बंदरगाह हमले की ली जिम्मेदारी
लेबनान के सशस्त्र संगठन हिज्बुल्ला ने इस्राइल के हाइफा बंदरगाह पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली है। संगठन का कहना है कि यह हमला इस्राइल की सैन्य कार्रवाई के जवाब में किया गया है। हाइफा इस्राइल का एक अहम समुद्री और आर्थिक केंद्र माना जाता है, ऐसे में इस हमले को काफी गंभीर माना जा रहा है।
पूरे क्षेत्र में बढ़ी युद्ध की आशंका
लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाई ने पूरे मिडिल ईस्ट को अस्थिर कर दिया है। अमेरिका, ईरान, इस्राइल और क्षेत्र के अन्य देशों के बीच बढ़ता सैन्य टकराव अब बड़े क्षेत्रीय युद्ध की आशंका को और गहरा कर रहा है। दुनिया भर की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह संघर्ष किस दिशा में जाता है।






