डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कई देशों को लिखी चिट्ठियों के ज़रिए टैरिफ का अल्टीमेटम दिया है, और अब इस कड़ी में भारत का भी ज़िक्र सामने आया है।
🇺🇸 ट्रंप की टैरिफ चिट्ठियाँ
ट्रम्प ने 14 देशों (जैसे जापान, कोरिया, थाईलैंड, बांग्लादेश आदि) को 1 अगस्त से लागू होने वाले नए टैरिफ की चिट्ठियाँ भेजीं। इनमें कुछ देशों पर 25–35% तक के टैरिफ की धमकी दी गई थी ।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने 150 से अधिक छोटे देशों पर 10–15% “blanket” टैरिफ लगाने का भी इरादा जाहिर किया
भारत का परिदृश्य
भारत को अभी तक टैरिफ चिट्ठी नहीं मिली: यह संकेत है कि अमेरिका और भारत के बीच एक वास्तविक व्यापार समझौता पर बातचीत चल रही है ।
ट्रम्प ने कहा है कि भारत के साथ भी एक “deal” निकट है — वह “बहुत करीब” हैं, और संभवतः 1 अगस्त से पहले भारत के टैरिफ दरों को तय करने वाली चिट्ठी भी भेज सकते हैं । उन्होंने विशिष्ट रूप से कहा साथ ही, उन्होंने कहा कि अगर टैरिफ समझौता नहीं हुआ तो उन पर 26% तक का reciprocal tariff लगाया जा सकता है
भारत की स्थिति
भारत हाल ही में अमेरिका के साथ पांचवे दौर की बातचीत में लगा है और “wait and watch” की स्थिति में है ऊर्जा और रक्षा साझेदारी सहित व्यापार ढांचे पर काम जारी है, जैसे फरवरी में मोदी-ट्रंप वार्ता में तय ‘Mission 500’ $500 बिलियन का लक्ष्य भारत ने अमेरिकी इच्छा अनुसार मोटरसाइकिल, व्हिस्की पर आयात शुल्क घटाया, और ऑटो पार्ट्स पर “zero‑for‑zero” स्कीम के तहत बातचीत प्रस्तावित की






