लोकेशन – समस्तीपुर
रिपोर्ट – नवनीत कुमार झा
समस्तीपुर जिले के हसनपुर-धमौन के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रविवार को प्रभारी सचिव, समस्तीपुर-सह-सचिव, भवन निर्माण विभाग, बिहार सरकार प्रणव कुमार ने स्थलीय निरीक्षण कर बाढ़ की स्थिति और राहत-बचाव कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन राजेश सिंह समेत अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर के अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और बाढ़ प्रमंडल के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रभारी सचिव ने प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर जलस्तर, प्रभावित आबादी, आवागमन, राहत एवं बचाव कार्य तथा लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से अलग-अलग बिंदुओं पर जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
भोजन, पानी और दवा की व्यवस्था में नहीं हो कमी
प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक भोजन, पेयजल, दवा और अन्य जरूरी सामग्री की उपलब्धता में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने नाव एवं नाविकों की उपलब्धता, गोताखोरों की तैनाती, सामुदायिक रसोई, सुरक्षित ठहराव और राहत सामग्री वितरण की भी समीक्षा की।
उन्होंने जरूरत के अनुसार अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। पशुपालन पदाधिकारी को प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने तथा जरूरतमंद पशुपालकों तक चारा पहुंचाने को कहा गया।
मेडिकल टीम और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश
प्रभारी सचिव ने सिविल सर्जन को बाढ़ प्रभावित इलाकों में पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर मेडिकल टीम और स्वास्थ्य सेवाएं तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण किसी भी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े।
तटबंधों पर लगातार निगरानी
बाढ़ प्रमंडल के अधिकारियों को तटबंधों एवं संवेदनशील स्थलों पर 24 घंटे निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। कटाव या किसी प्रकार की क्षति की सूचना मिलने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
कंट्रोल रूम से होगी बाढ़ की निगरानी
प्रभारी सचिव ने अनुमंडल पदाधिकारी को अनुमंडल स्तर पर कंट्रोल रूम के माध्यम से जलस्तर, प्रभावित क्षेत्रों और राहत-बचाव कार्यों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया। वहीं जिला स्तर पर 24×7 संचालित जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) के माध्यम से पूरे जिले की स्थिति पर नजर रखने और आपात सूचना मिलने पर संबंधित विभागों से तत्काल समन्वय कर कार्रवाई करने को कहा गया।
लापरवाही पर नहीं होगी गुंजाइश
जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने प्रभारी सचिव को जिले में बाढ़ की वर्तमान स्थिति और जिला प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे राहत-बचाव कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं।
प्रभारी सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि आम लोगों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। बाढ़ प्रभावित परिवारों की समस्याओं का त्वरित समाधान करते हुए उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्थल, अनुमंडल और जिला स्तर पर बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने तथा किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन एवं मानव बल तैयार रखने का निर्देश दिया।










