Home / Updates / रूस से नाता रखा तो इकॉनमी बर्बाद कर देंगे…’,अमेरिका ने भारत को दी खुली धमकी….

रूस से नाता रखा तो इकॉनमी बर्बाद कर देंगे…’,अमेरिका ने भारत को दी खुली धमकी….

वॉशिंगटन: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी और प्रभावशाली रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भारत, चीन और ब्राज़ील को रूस के साथ बढ़ते रिश्तों पर दो टूक चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि इन देशों को अब तय करना होगा कि वे अमेरिका की अर्थव्यवस्था का साथ देना चाहते हैं या पुतिन की मदद करना।ग्राहम ने एक इंटरव्यू में कहा, “अगर आप रूस की मदद करते हैं, तो आप अमेरिका की इकॉनमी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। भारत, चीन और ब्राजील को फैसला करना होगा कि वो किसके साथ हैं। और मुझे पूरा भरोसा है कि आखिरकार ये देश अमेरिका को ही चुनेंगे।”उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “अगर ये देश रूस की तरफ झुकते हैं, तो ये खुद अपनी इकॉनमी को बर्बादी की ओर ले जा सकते हैं। अमेरिका अपनी नीति स्पष्ट कर चुका है – या तो हमारे साथ, या फिर हमारे खिलाफ।”क्यों दी गई है ये चेतावनी?यह बयान ऐसे समय आया है जब यूक्रेन पर रूस के हमले के तीन साल बाद भी भारत ने रूस से अपने सामरिक और ऊर्जा सहयोग को सीमित नहीं किया है। वहीं चीन पहले ही रूस का सार्वजनिक रूप से समर्थन कर चुका है। ब्राज़ील ने भी हाल ही में रूस के साथ कूटनीतिक और व्यापारिक संबंध बढ़ाने की बात कही थी।ग्राहम का मानना है कि अमेरिका को अब साफ संकेत देना होगा कि अगर कोई देश रूस का साथ देगा, तो उसे अमेरिकी बाजार और सहयोग से हाथ धोना पड़ सकता है।भारत की स्थिति?भारत ने यूक्रेन युद्ध को लेकर अब तक संतुलित रुख अपनाया है। रूस से सस्ते तेल की खरीद, हथियारों का आयात और रक्षा साझेदारी भारत की रणनीतिक नीति का हिस्सा रही है। हालांकि अमेरिका के साथ भारत के रिश्ते भी बीते कुछ सालों में काफी मजबूत हुए हैं, खासतौर पर क्वाड और इंडो-पैसिफिक रणनीति के जरिए।लिंडसे ग्राहम की यह टिप्पणी सिर्फ कूटनीतिक दबाव नहीं बल्कि आने वाले समय में अमेरिका की नीति में संभावित बदलाव का संकेत है। अब देखना होगा कि भारत इस संतुलन को कैसे बनाए रखता है – एक ओर रूस के साथ पुराना भरोसेमंद रिश्ता, दूसरी ओर अमेरिका जैसा आर्थिक और रणनीतिक साझेदार।

Tagged:
[post-views]
Share
Now