राहुल गांधी ने कहा है कि ट्रम्प ने 11 बार भारत-पाकिस्तान युद्ध को रुकवाने का दावा किया, क़रीब 11 बार कहा कि उन्होंने पीएम मोदी पर “दबाव” देकर युद्ध रोकवाया, जबकि मोदी इसे नकार नहीं पा रहे। उन्होंने पीएम मोदी से पूछा कि “हिम्मत है तो कहें कि ट्रम्प झूठ बोल रहे”। साथ ही राहुल गांधी ने मोदी पर हमला किया कि उनके पास सर्वन (surrender) की आदत है और वे थोड़े दबाव में तुरंत झुक जाते हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संसद में स्पष्ट किया कि मोदी ने कभी तीसरे पक्ष (यूएस ट्रम्प) की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की। उन्होंने कहा कि संघर्ष रुकवाने की पहल दोनों सेनाओं के DGMOs के बीच हुई बातचीत के ज़रिए की गई और पाकिस्तान की मांग पर की गई थी — कोई विदेशी दबाव नहीं था।
राहुल गांधी और कांग्रेस ने मोदी से अनुरोध किया है कि वे संसद में स्पष्ट बयान दें कि ट्रम्प की बार-बार की मध्यस्थता की दावे गलत हैं। ताकि देश को वास्तविक स्थिति का पता चले और सरकार की विदेश नीति में पारदर्शिता बनी रहे। गांधी ने कहा कि ट्रम्प ने “युद्ध रोकवरवा दिया” जैसी बातें करीब 25 बार कही, लेकिन मोदी चुप हैं। यह संदेहास्पद हो सकता है और जनता को जवाब मिलना चाहिए।






