अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्रेड एडवाइजर ने भारत को लेकर बेहद कड़े और विवादित बयान दिए हैं। ट्रंप की टीम के करीबी और ट्रेड एडवाइजर पीटर नवारो ने भारत-चीन-रूस के बीच बढ़ती नजदीकियों को अमेरिका के लिए ‘खतरा’ करार दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि वाशिंगटन को अब भारत को वहां चोट करनी चाहिए, “जहां उसे सबसे ज्यादा दर्द हो।”
नवारो का यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल ही में ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठकों में भारत, रूस और चीन की साझेदारी की तस्वीरें सामने आई थीं। उन्होंने कहा कि अगर भारत अमेरिका के रणनीतिक हितों की अनदेखी कर रूस और चीन की ओर झुकाव जारी रखता है, तो अमेरिका को कड़े ट्रेड एक्शन लेने होंगे।
ट्रंप के सलाहकार ने यहां तक कहा कि भारत अमेरिकी टेक्नोलॉजी और मार्केट से फायदा उठा रहा है, लेकिन वही दूसरी तरफ मॉस्को और बीजिंग के साथ मिलकर “वॉशिंगटन के खिलाफ गठजोड़” कर रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि अमेरिका को भारत की उन इंडस्ट्रीज पर प्रहार करना चाहिए, जिन पर उसकी अर्थव्यवस्था सबसे ज्यादा निर्भर है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बयान सिर्फ चुनावी राजनीति का हिस्सा भी हो सकता है, क्योंकि ट्रंप 2024 के राष्ट्रपति चुनावों की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, भारतीय रणनीतिकारों का कहना है कि अमेरिका का ऐसा एप्रोच भारत को और ज्यादा रूस-चीन की तरफ धकेल सकता है।
भारत ने हमेशा स्पष्ट किया है कि उसकी विदेश नीति “मल्टी-अलाइनमेंट” पर आधारित है, यानी भारत अपने हितों के मुताबिक अलग-अलग देशों से रिश्ते रखेगा। लेकिन ट्रंप कैंप की यह बयानबाजी आने वाले दिनों में भारत-अमेरिका रिश्तों को नया मोड़ दे सकती है।






