मेरी आदर्श नेता सामाजिक परिवर्तन की महानायिका बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश बहन कुमारी मायावती जी के 15 जनवरी 2026 को इनके 70 वे जन्मदिन के (जनकल्याणी दिवस ) के शुभ अवसर पर आप सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं 🎂🎂🎂🎂🎂🎂🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
भारत भूमि की सबसे सशक्त बेटी, भारतीय लोकतंत्र का चमत्कार आदरणीय बहनजी मज़लूमों और कमज़ोरों का मान-सम्मान और स्वाभिमान हैं—
मुल्क के सबसे मज़लूम तबक़े में जन्म लेने वाली एक महिला जिन्होंने अपने संघर्ष के बलबूते देश के सबसे बड़े राज्य में चार-चार बार सत्ता चलाई, ये उनके जीवन की ऐतिहासिक उपलब्धि है। जीवन पर्यन्त उसूलों से और मज़लूम और कमज़ोर तबके के हितों से समझौता नहीं किया। मुख्यधारा की राजनीति में बिना किसी राजनैतिक पृष्ठभूमि के कीर्तिमान स्थापित करना अद्वितीय है।
आदरणीय बहनजी को जब भी सत्ता का अवसर मिला तो उन्होंने-
-बहुजन समाज के संतों गुरूओं और महापुरुषों के नाम पर स्मारक, विश्वविद्यालय और ज़िलों के नाम रखे।
-बहुजनों को प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रेरणा स्थल बनवाए।
-अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण के लिए समाज कल्याण विभाग से पृथक विभाग की स्थापना की।
-मुल्क के सभी मज़लूम वर्गों को प्राथमिकता देकर उनके आँसू पोंछने का कार्य किया।
-उत्तर प्रदेश में पहला एक्सप्रेस वे बनवाया।
-उत्तर प्रदेश में पहली मेट्रो सर्विस शुरू करवाई।
-पहला उर्दू अरबी फ़ारसी विश्वविद्यालय बनवाया। पहला दिव्यांग विश्वविद्यालय बनवाया।
-सभी वंचित वर्गों की महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा भेजने का कार्य किया।
-अति पिछड़े वर्गों को राज्य सभा और लोकसभा भेजने का कार्य किया।
-क़ानून व्यवस्था के लिए सर्व समाज उनके शासन को आज भी याद करता है।
बहनजी की राजनीति और शासन पर लिखने को कितना कुछ शेष है। जितना भी लिखा जाए शायद कम है। उन्होंने उसूलों से कभी समझौता नहीं किया, स्वयं ही इस्तीफ़ा देकर अपनी सरकार गिरा ली और केन्द्र में एक वोट से सरकार गिरा दी। बहन जी के हिस्से एक से एक शानदार उपलब्धि दर्ज है जिसका ज़िक्र रहती दुनिया तक होता रहेगा।
मुल्क के मज़लूम और कमज़ोर तबके के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाली सामाजिक परिवर्तन की महानायिका आदरणीय बहनजी का कल जन्मदिन है। उनको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ।
हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है
बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा…….
आज सिर्फ़ एक जन्मदिन नहीं बल्कि देश के वंचित और शोषित अंतिम पायदान पर खड़े प्रत्येक व्यक्ति का उत्सव है…..
यूँ तो हर दिन किसी न किसी का जन्मदिन होता ही है, तो फिर आज का जन्मदिन इतना विशेष क्यों है? अगर पूर्वाग्रह को परे रख दें तो यक़ीनन आज का जन्मदिन मात्र जन्मदिन नहीं बल्कि दर्दमंदों और दुखियारों का महोत्सव है।
मुल्क का प्रत्येक मज़लूम और कमज़ोर व्यक्ति भले ही वह किसी भी धर्म, जाति और संप्रदाय से ताल्लुक़ रखता हो अपने आप को आज इस महान शख़्सियत से कनेक्ट कर पाता है, प्रेरणा ले पाता है।
एक तो महिला और ऊपर से दलित समाज की महिला जिनका कोई राजनैतिक बैकग्राउंड नहीं था, उन्होंने अपनी इच्छाशक्ति और संघर्ष की बुनियाद पर इतिहास रच दिया। देश भर के हज़ारों उपेक्षितों का संबल प्रदान किया कि कोई भी व्यक्ति सपना देख सकता है और उस सपने को पूरा कर सकता है।
ये उत्सव है बाबा साहब के संविधान की रक्षा करने का, उत्सव है वंचितों को प्राथमिकता देने का, उत्सव है तथागत गौतम की मानवतावादी विचारधारा को क्रियान्वित करने का, उत्सव है महिला सशक्तिकरण का, उत्सव है समता मूलक समाज स्थापना का, उत्सव है सामाजिक परिवर्तन का, उत्सव है आर्थिक मुक्ति आंदोलन का, उत्सव है स्वाभिमान की रक्षा का, उत्सव है जय भीम के शंखनाद को घर-घर पहुँचाने का, उत्सव है भारतीय लोकतंत्र के चमत्कार का, कितनी ही उपमा और विशेषण से अलंकृत किया जा सकता है इस जन्मदिवस को।
बहनजी ने भारतीय राजनीति में इतनी बड़ी लकीर खींच दी है अब शायद ही कोई उनके क़द तक पहुँच पाए, उनकी उपलब्धियों की श्रृंखला इतनी विस्तृत है जिसका ज़िक्र रहती दुनिया तक होता रहेगा।
“अगर फ़ुर्सत मिले पानी की तहरीरों को पढ़ लेना,
हर इक दरिया हज़ारों साल का अफ़्साना लिखता है।”
हैप्पी बर्थडे आदरणीय बहनजी
रिपोर्ट. नईम सागर






