उत्तर प्रदेश के ग्राम प्रधानों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। पंचायत चुनाव में देरी के बीच योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब चुनाव होने तक मौजूदा ग्राम प्रधान ही गांवों के प्रशासक बने रहेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव फिलहाल टलते नजर आ रहे हैं। ऐसे में पंचायती राज विभाग की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुहर लगा दी है। फैसले के मुताबिक प्रदेश की करीब 57 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों में मौजूदा प्रधान ही प्रशासक की जिम्मेदारी संभालेंगे।
सरकार का कहना है कि इस फैसले से गांवों में विकास कार्य प्रभावित नहीं होंगे और योजनाओं का संचालन लगातार जारी रहेगा। बताया जा रहा है कि ओबीसी आरक्षण और चुनावी प्रक्रिया में देरी की वजह से पंचायत चुनाव आगे बढ़ सकते हैं।
ग्राम प्रधानों की लंबे समय से यह मांग थी कि चुनाव तक उन्हें ही प्रशासनिक अधिकार दिए जाएं, जिस पर अब योगी सरकार ने सहमति जता दी है। पंचायती राज विभाग जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर सकता है।






