फतेहगंज पश्चिमी/बरेली। चिटौली गांव में फेरी लगाकर कपड़े बेचने वाले पोषाकी लाल मौर्य के घर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने बुधवार सुबह करीब पांच बजे छापेमारी की। टीम ने परिवार के सदस्यों से करीब 18 घंटे तक पूछताछ की। देर रात करीब 11 बजे तक जांच-पड़ताल जारी रहने की जानकारी सामने आई।
बताया जा रहा है कि पोषाकी लाल के बैंक खाते में हुए बड़े धनराशि के लेनदेन ने ED का ध्यान खींचा है। टीम इन लेनदेन में रकम के स्रोत और उससे जुड़े कनेक्शन की जांच कर रही है। हालांकि, छापेमारी की वजह और बैंक खाते में लेनदेन की रकम को लेकर ED की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
सुबह पांच बजे गांव पहुंची टीम
जानकारी के मुताबिक ED की टीम सुबह करीब पांच बजे चिटौली गांव पहुंची। उस समय पोषाकी लाल घर पर मौजूद नहीं थे। टीम ने ग्राम प्रधान अनुज सिंह के माध्यम से उन्हें घर पर बुलवाया। उनके पहुंचने के बाद अधिकारी घर के अंदर दाखिल हुए और मुख्य दरवाजा बंद कर जांच शुरू कर दी।
जांच के दौरान परिवार के सदस्यों को घर से बाहर आने-जाने की अनुमति नहीं दी गई। ग्राम प्रधान ने भी टीम से कार्रवाई की वजह जानने का प्रयास किया, लेकिन अधिकारियों ने जांच से संबंधित जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया।
फेरी लगाने के साथ परचून की दुकान भी
पोषाकी लाल गांव में फेरी लगाकर कपड़े बेचते हैं। इसके अलावा वह घर पर छोटी परचून की दुकान भी चलाते हैं। उनके दोनों बेटे परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र की एक निजी कंपनी में मजदूरी करते हैं।
ऐसे परिवार के घर अचानक ED की टीम पहुंचने की खबर से गांव में दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा।
रकम के स्रोत और कनेक्शन की पड़ताल
पोषाकी लाल के बैंक खाते में बड़ी रकम के लेनदेन की जानकारी सामने आने के बाद ED की टीम ने जांच शुरू की। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि खाते में कब-कब कितनी रकम आई, रकम का स्रोत क्या था और किन लोगों या खातों से इसका संबंध है।
हालांकि, अभी तक ED ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि जांच में कितनी रकम का लेनदेन सामने आया है या मामले का वास्तविक कारण क्या है।
ED की आधिकारिक जानकारी का इंतजार: छापेमारी और जांच के संबंध में एजेंसी की ओर से देर रात तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। इसलिए बैंक खाते के लेनदेन को लेकर सामने आई जानकारी को फिलहाल जांच का विषय माना जा रहा है, किसी अपराध का प्रमाण नहीं।





