अशोक कुमार श्रीवास की रिपोर्ट
निर्माण में लापरवाही या भ्रष्टाचार? पहली बारिश नहीं झेल पा रही पुलिया
कोरबा//कोरबा जिले के विकासखंड करतला अंतर्गत ग्राम पंचायत भैसामुड़ा स्थित जोगीनाला में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित पुलिया पहली ही बारिश में ध्वस्त हो गई। पुलिया के क्षतिग्रस्त होने की तस्वीरें निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान कई बार अनियमितताओं की ओर ध्यान दिलाया गया था, लेकिन उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार जब भी निर्माण कार्य में सुधार या गुणवत्ता संबंधी सुझाव दिए जाते थे, तब जिम्मेदार लोगों द्वारा यह कहकर टाल दिया जाता था कि मामला उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। अब पहली ही बारिश में पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों की आशंकाएं सही साबित होती दिखाई दे रही हैं।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि निर्माण स्थल पर कार्य से संबंधित कोई विस्तृत सूचना पटल नहीं लगाया गया है। इसके कारण यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि पुलिया का निर्माण किस विभाग, एजेंसी अथवा ठेकेदार द्वारा कराया गया है। सूचना पटल के अभाव में निर्माण लागत, स्वीकृति तिथि और कार्यदायी संस्था जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां भी सार्वजनिक नहीं हैं।
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि सरकारी धन से बनने वाले विकास कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी लगातार सामने आ रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती। लोगों ने पुलिया निर्माण की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि कोरबा जिले में यह कोई पहला मामला नहीं है। पूर्व में भी कई निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। जोगीनाला पुलिया का पहली बारिश में ध्वस्त होना एक बार फिर निर्माण कार्यों में संभावित भ्रष्टाचार और लापरवाही की ओर संकेत करता है। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।






