Home / News / नकटिया पुल के पास गौकशी मामले का खुलासा, कैण्ट पुलिस ने दो आरोपी दबोचे; तमंचा और उपकरण बरामद

नकटिया पुल के पास गौकशी मामले का खुलासा, कैण्ट पुलिस ने दो आरोपी दबोचे; तमंचा और उपकरण बरामद

बरेली। थाना कैण्ट क्षेत्र में नकटिया पुल के पास हाईवे किनारे झाड़ियों में मिले गौवंशीय अवशेषों के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ जंगल और सुनसान इलाकों में आवारा गौवंशीय पशुओं को पकड़कर उनका वध करते थे और मांस को शहर में सप्लाई करते थे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से गौकशी में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण, एक अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस और एक मोबाइल फोन बरामद किया है।

23 अगस्त को झाड़ियों में मिले थे गौवंशीय अवशेष

पुलिस के मुताबिक, 23 अगस्त को थाना कैण्ट क्षेत्र के नकटिया पुल के पास हाईवे किनारे झाड़ियों में गौवंशीय पशुओं के अवशेष मिलने की सूचना मिली थी। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।

घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया। क्षेत्र में लगातार गश्त करने के साथ संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। पुलिस संभावित ठिकानों पर भी आरोपियों की तलाश कर रही थी।

तड़के 4:20 बजे जंगल के पास पकड़े गए आरोपी

पुलिस के अनुसार शनिवार तड़के करीब 4:20 बजे टीम कृष्णा कॉलोनी जाने वाले मार्ग पर सरकारी ट्यूबवेल के पास जंगल क्षेत्र में पहुंची। यहां दो संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ लिया गया। पूछताछ और पहचान के बाद पुलिस ने दोनों को गौकशी के मुकदमे में वांछित आरोपी बताया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पैकर इल्मास वारसी खान (37) निवासी रोहिली टोला, थाना बारादरी और नन्हे बाबू उर्फ अतीक खान (25) निवासी ठिरिया निजावत खां, थाना कैण्ट के रूप में हुई है।

पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान दोनों के नाम पहले से दर्ज गौकशी के मुकदमे में सामने आए थे, जिसके बाद से उनकी तलाश की जा रही थी।

जंगल में गौकशी कर शहर में मांस सप्लाई करने का आरोप

पुलिस पूछताछ में आरोपियों से कई अहम जानकारियां मिलने का दावा किया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे अपने अन्य साथियों के साथ जंगल और सुनसान क्षेत्रों में आवारा गौवंशीय पशुओं को पकड़ते थे। इसके बाद उनका वध कर मांस को शहर में अलग-अलग स्थानों पर सप्लाई किया जाता था।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कथित रूप से बताया कि गौवंश की खाल और अन्य अवशेषों को खेतों तथा नकटिया नदी के किनारे फेंक दिया जाता था, ताकि घटना के बाद उनकी पहचान और गतिविधियों का पता न चल सके। पुलिस अब इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

तमंचा, कारतूस और गौकशी के उपकरण बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से गौकशी में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों के अलावा एक अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस और एक मोबाइल फोन बरामद करने का दावा किया है। बरामद मोबाइल फोन की जांच से भी पुलिस को आरोपियों के संपर्कों और संभावित नेटवर्क के संबंध में जानकारी मिलने की उम्मीद है।

पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस मामले में और कितने लोग शामिल थे और गौमांस की कथित सप्लाई किन लोगों या स्थानों तक की जाती थी।

फरार साथियों की तलाश में जुटी कैण्ट पुलिस

दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच अब उनके अन्य कथित साथियों पर केंद्रित है। पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ पूरे नेटवर्क की कड़ी जोड़ने में जुटी है। मामले में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार धीर, उपनिरीक्षक इंतजार हुसैन, उपनिरीक्षक रोहित तोमर, कांस्टेबल रियाज अली, राजीव कुमार और आयुष भारद्वाज शामिल रहे।

नकटिया पुल के पास गौवंशीय अवशेष मिलने के बाद से यह मामला चर्चा में था। अब दो आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने घटना के खुलासे का दावा किया है, जबकि कथित रूप से शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

Tagged:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[post-views]
Share
Now