बेंगलुरु की टेक कंपनी SIMPL (One Sigma Technologies Pvt. Ltd.) पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विदेशी मुद्रा कानून के उल्लंघन का बड़ा आरोप लगाया है। कंपनी के डायरेक्टर नित्यानंद शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने सरकार की इजाज़त के बिना अमेरिका से 648 करोड़ रुपये का FDI (विदेशी निवेश) लिया और उसी के आधार पर 264 करोड़ के कन्वर्टिबल नोट्स भी जारी कर दिए। कुल मामला करीब 913 करोड़ रुपये का है।जांच में सामने आया कि SIMPL मोबाइल ऐप के ज़रिए अपना काम करती है और खुद को आईटी सर्विस कंपनी बताकर नियमों को दरकिनार करती रही, जबकि असल में वह फाइनेंशियल सेवाओं से जुड़ी थी – जो बिना सरकार की मंजूरी के प्रतिबंधित है।
RBI की 2016 की गाइडलाइंस साफ कहती हैं कि ऐसे मामलों में सरकार से पहले इजाज़त लेनी जरूरी है। लेकिन SIMPL ने न तो अनुमति ली, न ही स्टार्टअप्स के लिए तय गाइडलाइंस का पालन किया।अब ED ने फेमा की धारा 13 और 16(3) के तहत कंपनी और इसके डायरेक्टर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। बड़ी बात यह है कि यह मामला अब देश के सबसे बड़े फेमा घोटालों में से एक बनता दिख रहा है।






