बिहार में आज माहौल काफी गर्म है। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के खिलाफ एकजुट होकर बिहार बंद का ऐलान किया है। इस बंद को इमारत-ए-शरिया और सांसद पप्पू यादव का भी खुला समर्थन मिला है।

पटना की सड़कों पर उतरे नेता और कार्यकर्ता
राजधानी पटना में बंद का असर सबसे ज्यादा दिख रहा है। इंडिया गठबंधन की सभी सात पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की अगुवाई में सड़क पर उतर आए हैं। इनकम टैक्स चौराहे से लेकर डाकबंगला तक भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। लोग नारेबाज़ी कर रहे हैं और चुनाव आयोग के दफ्तर की ओर मार्च कर रहे हैं। इसके चलते राजधानी के कई हिस्सों में ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया है। आम लोगों को आने-जाने में खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है — ऑफिस जाने वाले हों या स्कूल की बसें, सभी जाम में फंसी दिखीं। बंद की वजह से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, और लोगों के चेहरों पर बेचैनी साफ़ देखी जा सकती है।

बता दे की पटना में आज बिहार बंद के समर्थन में विपक्ष की ताकत साफ़ तौर पर सड़कों पर नज़र आई। राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, दीपंकर भट्टाचार्य, मुकेश सहनी और पप्पू यादव जैसे प्रमुख नेता इंडिया गठबंधन के बैनर तले विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। तीनों नेता इनकम टैक्स गोलंबर तक पहुंच चुके हैं और वहां से चुनाव आयोग के दफ्तर की ओर कूच कर रहे हैं। इस दौरान सैकड़ों कार्यकर्ता उनके साथ दिखाई दिए, जो एनडीए सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जोरदार नारेबाज़ी कर रहे हैं। राजधानी के कई इलाकों में यातायात प्रभावित है और माहौल पूरी तरह से विरोध के रंग में रंगा हुआ है।
वही बिहार बंद का असर सिर्फ राजधानी तक ही सीमित नहीं रहा। मधुबनी जिले के परसा हॉल्ट पर राजद कार्यकर्ताओं ने ट्रेन रोक दी, जिससे रेल यातायात बाधित हो गया। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारे लगे। महिला कार्यकर्ताओं ने साफ़ कहा कि वे चुनाव आयोग के हालिया फैसलों को बिहार की जनता के साथ अन्याय मानती हैं और इसके खिलाफ पूरी ताकत से आवाज़ उठा रही हैं। उनका कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि लोकतंत्र और जनहित की भी है।






